भास्कर टीम Monday, July 13, 2009 02:53 [IST]
भोपाल. आमद दर्ज कराकर गुम हुए मानसून से फसल और पेयजल दोनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। प्रदेश के कई जिलों में अभी बोवनी दो तिहाई या आधी ही हुई है, ग्वालियर संभाग में तो खरीफ सीजन के बीज खेतों तक पहुंचे ही नहीं है। संभाग के अधिकतर जिलों में अभी 10 से 25 फीसदी बोवनी ही हुई है। शाजापुर, सीहोर, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शिवपुरी, दमोह और सागर में जलसंकट जस का तस बना हुआ है। फिलहाल मानसून की देरी से फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है लेकिन अगर एक हफ्ते के भीतर बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों को खासा नुकसान उठाना पड़ेगा।
आस बंधी
मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों में मप्र में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के पूर्वी क्षेत्र में एक नया सिस्टम बन रहा है जिससे अगले दो दिनों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।
उज्जैन
76 फीसदी बोवनी पूरी, फसलों पर फिलहाल कोई संकट नहीं। गंभीर डेम में 500 एमसीएफटी पानी आने से पेयजल समस्या से थोड़ी राहत मिली है।
शाजापुर
75 फीसदी बोवनी पूरी। पेयजल संकट जस का तस, फिलहाल सात दिन में एक बार जल सप्लाय।
खंडवा
जिले में लगभग 90 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है, जो दो दिन में पूरी हो जाएगी। शहर में पेयजल आपूर्ति एक दिन के अंतराल से ही की जा रही है। जिला मुख्यालय पर बिजली कटौती चार से पांच घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 14 घंटे की जा रही है।
बुरहानपुर
90 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। पेयजल आपूर्ति एक दिन के अंतराल से की जा रही है। जिला मुख्यालय पर बिजली कटौती 7 से 8 और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 16 घंटे कटौती की जा रही है।
खरगोन
95 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। बिजली कटौती पूर्ववत जिला मुख्यालय पर 6 से 8 और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे की जा रही है। पेयजल समस्या में कुछ राहत मिली है।
बड़वानी
लगभग 78 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। जिला मुख्यालय पर बिजली कटौती में आंशिक सुधार हुआ है। चार से पांच घंटे हो रही कटौती तीन घंटे हो रही है। सेंधवा में भी सुधार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति जस की तस है। वहां 16 से 18 घंटे कटौती की जा रही है।
झाबुआ
जिले में अब तक 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हो चुकी है।
कटौती की स्थिति शहर में : 6 घंटे रोजाना
गांव में : 14 से 16 घंटे रोजाना
धार
जिले में 89 प्रतिशत क्षेत्र में बोवनी। जिला मुख्यालय पर चार से छह घंटे, तहसील मुख्यालय पर 10-12 और ग्रामीण क्षेत्रों में 17-18 घंटे। धार शहर में 24 घंटे में 12.50 मिमी तथा अब तक 209.3 मिमी बारिश हो चुकी है। गत वर्ष इस अवधि तक 161.2 मिमी बारिश हुई थी।
सागर
दो दिन लगातार सप्लाई के बाद तीसरे दिन पानी नहीं दिया जाता। राजघाट बांध में अभी पानी का भराव एलएसएल से ऊ पर है। 2 लाख 20 हजार हैक्टेयर में बोवनी हो सकी है। शहर में तीन घंटे, तहसील मुख्यालय पर 10-12 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 12-14 घंटे प्रतिदिन बिजली कटौती की जा रही है।
छतरपुर
शहर में एक दिन के अंतराल में पानी सप्लाई हो रहा है। अभी बोवनी केवल 25 प्रतिशत ही हुई है। पलायन शुरू : बारिश को लेकर उम्मीद लगाए बैठे किसान मानसून की बेरूखी से अपना घर-बार छोड़ चले हैं। हर दिन बड़ी संख्या में जिले से लोग परिवार समेत दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के लिए पलायन कर रहे हैं। बिजली कटौती- जिला मुख्यालय- 4 घंट, तहसील मुख्यालय- 13 घंट, ग्रामीण क्षेत्र- 18 से 20 घंटे
टीकमगढ़
बोबनी का लक्ष्य 1 लाख 91 हजार हेक्टेयर लेकिन 15 हजार हेक्टेयर इसमें भी पानी न गिरने से 50 फीसदी खराब हो गई। जिला मुख्यालय- 7 से 8 घंटे, तहसील मुख्यालय- 12 घंटे, ग्रामीण क्षेत्र- 16 से 18 घंटे तक बिजली कटौती।
दमोह
दमोह में हर तीसरे दिन पानी सप्लाई किया जा रहा है। राजनगर तालाब में इस समय ९ एमसीएफटी पानी है जो करीब एक माह के लिए है। कोपरा नदी से रोजाना 4 लाख गैलन पानी लिया जा रहा है। जिले में खरीफ की फसल का 1 लाख 45 हजार हेक्टेयर रकबे में से अभी तक 23 हजार हेक्टेयर रकबे में बोनी हुई है।
रतलाम
जिले में गत वर्ष के मुकाबले अभी तक आधी बारिश ही हुई है। लगभग 70 फीसदी क्षेत्र में बोवनी की जा चुकी है।जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन छह घंटे बिजली कटौती हो रही है जबकि तहसील स्तर पर 10 से 12 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्र में 16 से 18 घंटे बिजली कटौती हो रही है।
मंदसौर
प्रमुख जलस्रोत रामघाट व आजाद जलाशय पूरी तरह खाली हैं, इसलिए पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। 50 प्रतिशत बोवनी भी नहीं। जिला मुख्यालय पर चार से छह घंटा, तहसील पर आठ से 11 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे की कटौती की जा रही है।
Monday, July 13, 2009
पानी के लिए रास्ता जाम
पाली। शिवाजीनगर कॉलोनी में नलों व टैंकरों से अनियमित एवं अपर्याप्त आपूर्ति से गुस्साए लोगों ने रविवार सवेरे जोधपुर रोड स्थित हैडवक्र्स पर प्रदर्शन कर करीब पन्द्रह मिनट तक राजमार्ग जाम कर दिया। आपूर्ति में सुधार नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।शिवाजीनगर में जलापूर्ति नियमित व पर्याप्त नहीं होने से लोग वैसे ही खफा है। इस बीच टैंकर चालकों की मनमानी से उनका गुस्सा रविवार को और भड़क उठा। दर्जनों लोग एकत्र होकर जोधपुर रोड स्थित जलदाय विभाग के हैडवक्र्स पहुंच गए। वहां प्रदर्शन किया।
बाद में करीब पन्द्रह मिनट तक राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। समझाइश के बाद लोग वहां से हटे। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि टैंकरचालक मनमानी करते हुए अपने मिलने वाले के यहां टैंकर खाली कर देते है और संबंधित क्षेत्र में जलापूर्ति होने की रसीद प्राप्त कर लेते है। कई बार शिवाजीनगर के हिस्से का पानी सरदारपटेल नगर में वितरित कर दिया जाता है। प्रदर्शन करने वालों में मनीष चतुर्वेदी, गणपत वैष्णव, जेठमल जोशी, गीतादेवी, कमलाबाई, सुखियादेवी, पानीबाई समेत कई लोग शामिल थे।
Patrika.com Monday, July 13, 2009
बाद में करीब पन्द्रह मिनट तक राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। समझाइश के बाद लोग वहां से हटे। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि टैंकरचालक मनमानी करते हुए अपने मिलने वाले के यहां टैंकर खाली कर देते है और संबंधित क्षेत्र में जलापूर्ति होने की रसीद प्राप्त कर लेते है। कई बार शिवाजीनगर के हिस्से का पानी सरदारपटेल नगर में वितरित कर दिया जाता है। प्रदर्शन करने वालों में मनीष चतुर्वेदी, गणपत वैष्णव, जेठमल जोशी, गीतादेवी, कमलाबाई, सुखियादेवी, पानीबाई समेत कई लोग शामिल थे।
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