Thursday, July 9, 2009
गुस्साए ग्रामीणों का जीएसएस पर धरना

बागोड़ा। क्षेत्र सहित आस पास के गांवों में पिछले कई दिनों से हो रही विद्युत कटौती से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को हरमू गांव विद्युत सब ग्रेड स्टेशन पर धरना देकर प्रदर्शन किया। क्षेत्र के सूराणा, दादाल, तिलोड़ा व हरमू गांव में पिछले कई दिनों से लगातार विद्युत कटौती जारी है। लेकिन इस ओर निगम के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही से गुस्साए लोग मंगलवार शाम किसान नेता नारायणसिंह तिलोड़ा के नेतृत्व में कई लोग हरमू गांव स्थित निगम के कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए।
धरने पर बैठने के कई घंटों बाद भी विद्युत निगम का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इधर धरने की जानकारी मिलते ही सायला तहसीलदार व थाना प्रभारी सहदेव चौधरी ने मौके पर पहुंचकर लोगों से समझाइश की। धरनार्थियों का कहना है कि विद्युत कटौती के चलते गांवों में पानी की समस्या हो रही है। समाचार लिखे जाने तक धरनार्थी मौके पर जमे हुए थे।
Rajasthan Patrika - Thursday, July 09, 2009
जूझता विद्यालय चिंतित अभिभावक
लुणावा। सरकार एक ओर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। ऎसे में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर अभिभावक खासे चिंतित है। कस्बे के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में 250 छात्राएं अध्ययनरत है।
ग्रामीणों की मांग पर ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व शिक्षा विभाग ने विद्यालय में आनन-फानन में तुलसाराम राठौड़ व मोहनलाल को प्रतिनियुक्ति पर लगाया था, लेकिन नए सत्र से प्रतिनियुक्त शिक्षकों को यहां से अन्यत्र लगा दिया गया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं का भविष्य मात्र तीन अध्यापिकाओं पर टिका हुआ है। पिछले लम्बे समय से प्रधानाध्यापिका का पद भी रिक्त चल रहा है। वार्ड पंच मोटाराम वर्मा, मोडाराम, हिरेन्द्र वैष्णव, ओमप्रकाश ओझा सहित ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार तक विद्यालय में शिक्षिकाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो तालाबंदी की जाएगी।
विद्यालय में शिक्षिकाओं के पद रिक्त है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश के बाद ही कोई समाधान संभव है।
सुमेरसिंह मेड़तिया, अतिरिक्त ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अघिकारी, बाली।
Rajasthan Patrika Thursday, July 09, 2009
ग्रामीणों की मांग पर ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व शिक्षा विभाग ने विद्यालय में आनन-फानन में तुलसाराम राठौड़ व मोहनलाल को प्रतिनियुक्ति पर लगाया था, लेकिन नए सत्र से प्रतिनियुक्त शिक्षकों को यहां से अन्यत्र लगा दिया गया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं का भविष्य मात्र तीन अध्यापिकाओं पर टिका हुआ है। पिछले लम्बे समय से प्रधानाध्यापिका का पद भी रिक्त चल रहा है। वार्ड पंच मोटाराम वर्मा, मोडाराम, हिरेन्द्र वैष्णव, ओमप्रकाश ओझा सहित ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार तक विद्यालय में शिक्षिकाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो तालाबंदी की जाएगी।
विद्यालय में शिक्षिकाओं के पद रिक्त है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश के बाद ही कोई समाधान संभव है।
सुमेरसिंह मेड़तिया, अतिरिक्त ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अघिकारी, बाली।
Rajasthan Patrika Thursday, July 09, 2009
एक अध्यापक 200 विद्यार्थी
सेन्दड़ा। कस्बे के स्वतन्त्रता सेनानी पाचूसिंह चौहान राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से शिक्षण व्यवस्था प्रभवित हो रही है। बच्चों के भविष्य से चिंतित ग्रामीणों ने संसदीय सचिव दिलीप चौधरी व जिला कलक्टर को पत्र भेजकर विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय में करीब दो सौ छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है, जबकि इन्हें पढ़ाने का जिम्मा मात्र एक अध्यापक पर है। एक ही अध्यापक होने से शिक्षण व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है। शिक्षक के अधिकांश समय विभागीय कागजी खानापूर्ति में ही व्यस्त होने का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। पहले यहां तीन विद्यार्थी मित्र कार्यरत थे। न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद संस्कृत विभाग उन्हें पुन: कार्यग्रहण नहीं करवा रहा है।
मैंने शिक्षकों की कमी से उच्चाघिकारियों को अवगत करा दिया है। विद्यार्थी मित्रों को पुन: कार्यग्रहण नहीं कराने के मौखिक आदेश प्राप्त हुए हैं।
-जवानसिंह चौहान, प्रधानाध्यापक, राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय, सेन्दड़
Rajasthan Patrika - Thursday, July 09, 2009
ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय में करीब दो सौ छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है, जबकि इन्हें पढ़ाने का जिम्मा मात्र एक अध्यापक पर है। एक ही अध्यापक होने से शिक्षण व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है। शिक्षक के अधिकांश समय विभागीय कागजी खानापूर्ति में ही व्यस्त होने का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। पहले यहां तीन विद्यार्थी मित्र कार्यरत थे। न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद संस्कृत विभाग उन्हें पुन: कार्यग्रहण नहीं करवा रहा है।
मैंने शिक्षकों की कमी से उच्चाघिकारियों को अवगत करा दिया है। विद्यार्थी मित्रों को पुन: कार्यग्रहण नहीं कराने के मौखिक आदेश प्राप्त हुए हैं।
-जवानसिंह चौहान, प्रधानाध्यापक, राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय, सेन्दड़
Rajasthan Patrika - Thursday, July 09, 2009
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