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Wednesday, July 8, 2009

बिजली-पानी के लिए जाम

फरीदाबाद. बिजली-पानी व कई अन्य समस्याओं को लेकर मछगर गांववासियों ने बल्लभगढ़-मोहना मार्ग पर गांव के समीप ही जाम लगा दिया। जाम लगभग चार घंटे रहा। इस दौरान वाहनों की आवाजाही में काफी दिक्कतें आई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्याओं का हल करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। बिजली-पानी व कई अन्य समस्याओं से मछगर गांव वासी पिछले कई दिन से जूझ रहे थे। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनके सब्र का बांध टूट गया।
सैकड़ों महिलाएं एवं पुरूष मोहना मार्ग पर जमा होकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर तथा सड़क के बीच में अन्य अवरोधक डालकर मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया गया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान विधायक शारादा राठौर व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके गांव की मुख्य सड़क टूटी हुई है। इससे साथ लगते तालाब का पानी सड़क पर आ जाता है।
प्रशासनिक अधिकारियों के बार-बार समस्याओं का ध्यान दिलाने के बावजूद हल नहीं हो पाता। दु:खी होकर उन्हें जाम व धरने जैसा कदम उठाना पड़ा है। जाम की सूचना पाते ही तहसीलदार ज्ञानप्रकाश बिश्नोई, बिजली निगम के एसडीओ एससी शर्मा, जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के कार्यकारी अभियंता एससी शर्मा, एसएचओ सिटी बल्लभगढ़ राजीव कुमार यादव व सदर थाना प्रभारी अजीम खान मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस बीच अधिकारियों ने ग्रामीणों को समस्याओं को हल करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाने के लिए राजी कर लिया। करीब चार घंटे लगे इस जाम के दौरान आवाजाही में काफी दिक्कतें आई। जाम करीब साढ़े 12 बजे खुला।

भास्कर न्यूज Monday, July 06, 2009 04:51 [IST]

पानी के दिन में पसीने छूट

ग्वालियर. दो दिन बाद सावन शुरू होने वाला है और बारिश का कहीं अता-पता नहीं है। जिला पूरी तरह सूखा है। शहरवासी देवराज इंद्र से कृपा की गुहार कर रहे हैं। एक वर्ष पूर्व आज ही के दिन शहर में 25.7 मिलीमीटर झमाझम बरसात हुई थी लेकिन इस वर्ष पांच जुलाई का दिन भीषण गर्मी व उमस से भरा रहा।
रविवार को सुबह से तपिश होने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी का असर भी बढ़ गया। तेज धूप व उमस के कारण लोग बेहाल रहे। मौसम कार्यालय के अनुसार गत वर्ष पांच जुलाई को अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस था जो सामान्य से 5.9 डिग्री कम था लेकिन इस वर्ष पांच जुलाई को पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा।
रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री अधिक था। हालांकि सायंकाल को आसमान में बदली छा गई लेकिन दिन ढलने तक बरसात नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक था। वातावरण में सुबह की आद्र्रता 60 प्रतिशत व सायंकाल की आद्र्रता 39 प्रतिशत रिकार्ड की गई जो सामान्य से क्रमश: छह व 18 प्रतिशत कम थी। मौसम वैज्ञानिक का अनुमान है कि बुधवार से हो सकती है झमाझम बरसात।

Bhaskar News Monday, July 06, 2009 06:07 [IST]

कहीं आ रहा गंदा पानी, कहीं पर नल सूखे

लुधियाना. महानगर में पानी सप्लाई का बुरा हाल है। कहीं नल पानी के बिना सूखे पड़े हैं तो कहीं नलों से गंदा पानी आ रहा है। जिसका खामियाजा सीधे तौर पर जनता को भुगतना पड़ रहा है। नगर निगम अधिकारी और पार्षद लोगों की समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। जब भी लोग समस्याएं लेकर पार्षदों और निगम अधिकारियों के पास जाते हैं तो वह उन्हें बहाने बनाकर लौटा देते हैं।
वार्ड नंबर 15 के कीर्ति नगर इलाके में एक सप्ताह से पानी के नल सूखे पड़े हैं। लोग बिना पानी के परेशान हैं। यहां तक कि लोगों को पीने के पानी के लिए घर से मीलों दूर जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी आरएल गर्ग ने बताया कि छह सात दिनों से पानी नहीं आ रहा है। लोग पहले पीने के लिए पानी मोती नगर टंकी से ला रहे थे।
लेकिन वहां भी मोटर जल जाने से पानी के लाले पड़ चुके हैं। जिसके कारण इलाका निवासी परेशान हैं।वहीं हजूरी रोड इलाके में लोग नलों में गंदा पानी आने से परेशान हैं। इलाका निवासियों का कहना है कि पार्षद और निगम अधिकारियों को इस संबंध में कई बार बता चुके हैं। जब भी उनके पास जाते हैं तो अलग-अलग तरह के बहाने बनाकर लोगों को वापस भेज देते हैं।
इलाका निवासी जितेश, अशोक धवन, बिट्टू धवन, जगमोहन, पंकज बवेजा, हरीश दुआ, सुभाष बवेजा व अन्य ने बताया कि उनके इलाके में सीवरेज मिक्स पानी आ रहा है। लोग ऐसे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इस इलाके की पाइप लाइन बहुत पुरानी हैं। लेकिन निगम ने कभी भी पाइप लाइन बदलने के बारे में नहीं सोचा।
वार्ड नंबर 15 के पार्षद सुखदेव सिंह गिल ने बताया कि ट्यूबवैल खराब है और टंकी की मोटर जल गई है। जिस कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि वह निजी तौर पर टैंकर के जरिए इलाके में पानी भेज रहे हैं। गिल ने बताया कि सोमवार को मोटर ठीक करवा दी जाएगी।
वहीं हजूरी रोड इलाके के पार्षद श्याम सुंदर मल्होत्रा ने बताया कि इलाके की पाइप लाइन पुरानी हैं। कई बार निगम अधिकारियों को इलाके की पाइप लाइन बदलवाने के बारे में कह चुका हूँ। सोमवार को निगम की बैठक में मुद्दा उठाउंगा।
भास्कर न्यूज Monday, July 06, 2009 05:12 [IST]

उम्मेद सागर में पहुंचा नहर का गंदा पानी

जोधपुर. तीन दिन पहले शहर में हुई बारिश के कारण आबादी से निकलने वाली नहर से होकर उम्मेदसागर तक पहुंचा गंदा पानी शहर के सेटेलाइट इलाके में आबाद 67 गांवों के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है लेकिन पीएचईडी या नगर निगम को इस तरफ झांकने तक की फुरसत नहीं है। जोधपुर पहुंचने वाले लिफ्ट नहर के पानी में से फिल्टर के बाद तखतसागर से नहर के जरिए उम्मेदसागर में पानी छोड़ा जाता है। यहां से इन गांवों को इसकी आपूर्ति की जाती है।
मसूरिया से उम्मेदसागर तक बनी नहर में पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों का पानी आता है। आबादी क्षेत्र से निकलने के कारण लोगों ने इसमें गंदे पानी की नालियों के साथ ही सीवर की लाइनें भी डाल रखी हैं। अब छिन्न-भिन्न हो चुकी इस नहर को न तो पूरी तरह बंद किया गया है नहीं इसमें आने वाले दूषित पानी की निकासी का दूसरा कोई मार्ग निकाला गया है। ऐसे में बारिश के दौरान इस नहर में पानी ओवर फ्लो होने के बाद उम्मेद सागर तक पहुंच रहा है। वहां स्वच्छ पानी में गंदा पानी मिलने से आगे वही पानी इन गांवों तक पहुंच रहा है।
उम्मेदसागर के पास कोई फिल्टर प्लांट नहीं है। गत शुक्रवार को ऐसा ही हुआ। दो-तीन घंटे की बारिश के कारण नहर में आया बरसाती पानी गंदगी सहित उम्मेद सागर में पहुंच गया और आगे गांवों तक चला गया। अब भी उम्मेदसागर में गंदगी वाला पानी चल रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों को इस बारे में खबर तक नहीं है, गंदगी से अटी नहर की सफाई के लिए तो नगर निगम को कहना तो दूर की बात है।

Bhaskar Correspondent Monday, July 06, 2009 06:19 [IST]

बह गया लाखों लीटर पानी

सागर. तहसीली तिराहा स्थित आईजी ऑफिस से परकोटा तक बिछाई गई पाइप लाइप लाइन की पहली टेस्टिंग में ही लाखों लीटर पानी बह गया। जैन पब्लिक स्कूल के सामने रविवार को दोपहर 12 बजे लाइन से पानी के फव्वारे छूट रहे थे, जिससे पानी आसपास बने मकानों में भर गया। एक मकान में रखे मिट्टी के बर्तन टूट गए।
बेडरूम में रखे बिस्तर एवं अन्य सामान पानी से गीला हो गया। पाइप लाइन में पानी का प्रेशर इतना ज्यादा था कि लाइन के नीचे गहरा गड्ढा हो गया। यह लाइन परकोटा व आसपास के वार्डे में पानी सप्लाई करने के लिए बिछाई गई है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पानी की धार 10 फीट ऊंचाई तक उठ रही थी, जिससे आसपास के मकान में पानी भर गया।
यहां भी बहा पानी- जिला अस्पताल परिसर में पाइप लाइन में रविवार सुबह लीकेज हो जाने से दोपहर तक पानी बहता रहा। जलप्रदाय विभाग के कर्मचारी का कहना है कि अस्पताल में भारी वाहनों के आने-जाने से लाइन टूटने से लीकेज हो गया है। लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
शहर के कई स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज होने से हर दिन पानी की बर्बादी हो रही है। लीकेज लाइन की मरम्मत कराने नगर निगम द्वारा चलाया गया अभियान भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। मुख्य पाइप लाइन के साथ-साथ उपभोक्ताओं की पाइप लाइनों में भी लीकेज हो रहे हैं। वार्डो में स्थिति यह है कि पानी सप्लाई होते समय गलियों में व्यर्थ पानी बहता रहता है।
लाइन टेस्ट की
पाइप लाइन नई बिछाई गई है। इसका परीक्षण करने और कचरा, मिट्टी निकालने के लिए रविवार को पानी छोड़ा गया था। प्रेशर होने के कारण जैन पब्लिक स्कूल के सामने बने प्वाइंट लीकेज हो गया था। प्वाइंट की मरम्मत करने के बाद लीकेज बंद हो गया था। - लखन साहू, कार्यपालन यंत्री जलप्रदाय नगर निगम सागर

भास्कर न्यूज Monday, July 06, 2009 06:57 [IST]

आज जमा कराया जाएगा बिल

दृष्टिहीन छात्रावास का 18 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया है जो कि शासन से राशि नहीं आने के कारण जमा नहीं कराया जा सका था, आज सोमवार को बिल जमा कराया जाएगा। - प्रदीप बैस ज्वाइंट डायरेक्टर पंचायत कैसे होगी परीक्षा
एमए फाइनल के छात्र इंद्रेश पाठक ने बताया कि उसकी परीक्षा चल रही है लेकिन वह पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। उसका कहना है कि दृष्टिबाधित होने के कारण सभी छात्र टेपरिकार्डर से पढ़ाई करते हैं लेकिन लाइट नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई नहीं हो पा रही है। छात्रों का कहना है कि बिना अध्ययन के वे परीक्षा कैसे देंगे।
शासन से नहीं मिली राशि
विभागीय सूत्रों का कहना है कि छात्रावास के लिए शासन से मिलने वाला एलाटमेंट नहीं आने के कारण बकाया बिजली बिल 18 हजार रुपए जमा नहीं किया जा सका था। बिजली काटे जाने की सूचना मिलने पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आज बिल जमा कराए जाने की बात कही गई है।
टैंकर खड़ा करवाया गया
ज्वाइंट डायरेक्टर पंचायत श्री बैस ने बताया कि छात्रों की सूचना पर आज एक टैंकर पानी पहुंचाया गया है यह टैंकर बिजली चालू होने तक वहीं खड़ा रहेगा।
सरकारी रवैये की निंदा
छात्रावास की बिजली काटे जाने पर सरकारी रवैये की निंदा करते युकां के उमेश शर्मा, उन्नत नरूला ने छात्रावास पहुंचकर छात्रों से चर्चा की और उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि अगर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो वे मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे।
प्रभारी अधीक्षक का मोबाइल रहा बंद
फुटपाथ पर डेरा जमाए बैठे छात्रों का कहना था कि पिछली शाम प्रभारी अधीक्षक द्वारा एक छात्र की पिटाई किए जाने पर उसका मोबाइल गिरकर टूट गया था इस घटना के बाद से प्रभारी अधीक्षक का मोबाइल बंद है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि छात्रावास अधीक्षक बीबी मिश्रा अवकाश पर है, जिस कारण अधिकारियों को समय पर सूचना नहीं मिल सकी और विद्युत कर्मियों ने छात्रों की विनती को अनसुना कर बिजली काट दी।

भास्कर न्यूज Monday, July 06, 2009 07:38 [IST]

छात्रावास की बिजली कटी, राशन-पानी बंद

जबलपुर. नेत्रहीनों की अंधेरी जिंदगी से व्यवस्था और सरकारी तंत्र के क्रूर रवैये ने रोशनी का आभास भी छीन लिया। शासकीय विभागों की भर्राशाही गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली का शिकार दृष्टिहीन छात्रों को होना पड़ा। संजीवनी नगर स्थित दृष्टिबाधित छात्रावास की बिजली कटने से करीब आधा सैकड़ा दृष्टिबाधित छात्र पिछले दो दिनों से मोहताजी का जीवन जी रहे हैं।
छात्रावास में न तो भोजन बन रहा है न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। भीषण गर्मी से परेशान छात्र फुटपाथ पर गुजर बसर कर रहे हैं। सरकारी विभाग ने विद्युत मंडल को बिल की अदायगी नहीं की और लकीर के फक ीर विद्युत मंडल ने नेत्रहीनों से बिजली का सहारा छीन लिया।
राज्य अपंग कल्याण संस्थान पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित होने वाले इस छात्रावास की स्थापना विगत तीस वर्ष पूर्व वर्ष 1980 में की गई थी, वर्तमान में प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, ग्वालियर, सीधी, भोपाल, छिंदवाड़ा आदि जिलों के 46 छात्र रह रहे हैं। इनमें अधिकांश छात्र तीन वर्षो से अधिक समय से रह रहे हैं।
शनिवार को दोपहर बाद बिजली का बिल जमा न होने के कारण यहां की बिजली काट दी गई थी जिसके कारण पिछली रात मेस में भोजन नहीं बनने से छात्रों को भूखे पेट सोना पड़ा, गर्मी के कारण रात को छात्रों ने समीप ही स्थित फुटपाथ पर अपना डेरा जमा लिया लेकिन इन दृष्टिबाधितां की सुध किसी ने नहीं ली।
एमफिल कर रहे सतना के छात्र राजभान पटेल, ग्वालियर के शिवेंन्द्र सिंह परिहार, सिंगरौली के इंद्रेश पाठक ने बताया कि छात्रावास की बिजली काटे जाने की सूचना न्यास के ज्वांइट डायरेक्टर प्रदीप बैस व जिला कलेक्टर हरिरंजन राव को दी गई थी लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी सुध नहीं लिए जाने से उन्हें इस विपत्ति से जूझना पड़ रहा है।
23 हजार बिल बकाया
दृष्टिहीन छात्रावास पर मार्च माह से 23 हजार रुपए का बिल बकाया है। तीन बार नोटिस दिए जाने के बाद भी जब बिल का भुगतान नहीं किया गया तो शनिवार को छात्रावास की बिजली काट दी गई। - अजय पांडे- एसई सिटी सर्किल
भास्कर न्यूज Monday, July 06, 2009 07:38 [IST]

पानी के लिए महिलाओं ने किया एक्सईएन की कुर्सी पर कब्जा

जयपुर. पिछले कई महीनों से नलों में पानी नहीं आने की शिकायत लेकर झालाना क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को गांधीनगर स्थित जलदाय कार्यालय में प्रदर्शन किया और वहां अधिकारी नहीं मिलने पर महिलाओं ने एक्सईएन की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। बाद में पहुंची पुलिस ने महिलाओं को हटाया। करीब दो घंटे बाद एक्सईएन देवेंद्र कोठारी कार्यालय में पहुंचे और डेढ़ घंटे दबाव से पानी देने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान कुछ महिलाएं तो पानी की मांग करते हुए रोने लगीं। झालाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी, ए, बी व सी ब्लॉक तथा शेखावत नगर में सोमवार सुबह भी नलों में पानी नहीं आया तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
करीब तीन सौ लोग रैली लेकर 11.30 बजे जलदाय कार्यालय पहुंचे और एक्सईएन ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गए। अधिकारी नदारद मिलने पर लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक काफी संख्या में लोगों को देखकर मौके पर मौजूद कर्मचारी अपने कमरों से बाहर निकल आए। जब बारह बजे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो महिलाएं एक्सईएन ऑफिस के अंदर घुसकर कुर्सियों पर बैठ र्गई।
जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस को बुलाकर महिलाओं को खदेड़ा, पर उनका धरना जारी रहा। साढ़े बारह बजे एक्सईएन देवेंद्र कोठारी के कार्यालय में आते ही लोगों ने घेर लिया। झालाना डूंगरी विकास महासंघ के अध्यक्ष दिनेशचंद गुप्ता ने पानी नहीं पहुंचने तथा लगातार बिल आने की समस्या रखी। कोठारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी चले गए।
भास्कर न्यूज Tuesday, July 07, 2009 04:55 [IST]

पानी से तरसे लोगों ने किया प्रदर्शन

लुधियाना. बिजली कटों से हर तरफ बैचेनी है ही, पानी की बूंद-बूंद को भी लोग तरसने लगे हैं। पानी की समस्या दूर करने को सत्ताधारी पार्षदों की ही निगम में सुनवाई नहीं हो रही। सुनवाई न होने के विरोध में अकाली-भाजपा के पार्षदों ने जोन ए और बी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्षदों के इलाका निवासियों ने उनका समर्थन किया।
जोन ए में वार्ड-15 के अकाली पार्षद सुखदेव सिंह गिल ने डेरा जमाया। उनके साथ आए राजू ने बताया पिछले दो महीनों से कीर्ति नगर में पानी की सप्लाई ठीक तरीके से नहीं हो रही। सप्लाई न होने का कारण पूछने पर तर्क दिया जाता है, ट्यूबवेल की मोटर जल गई है। एक महीने में चार बार मोटर जलना हैरानी की बात है। राजू के मुताबिक उनके क्षेत्र में टैंकर से पानी की सप्लाई दी जा रही है।
इलाका निवासी इस पानी का इस्तेमाल नहाने या कपड़े आदि धोने में करते हैं। दो रोज पहले 18 वर्षीय मुन्नी को यह पानी पीने से उल्टी-दस्त हो गए थे। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। नीलम रानी कहती है टैंकर से पानी बाल्टियां भरते-भरते उनके हाथों में छाले पड़ गए हैं। वहीं निगम अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।
वह लोग सुबह सात बजे से जोन ए में एक्सईएन कमलेश बांसल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन 11 बजे तक उनका कोई अतापता नहीं था। सुनवाई न होने से पार्षद गिल ने दफ्तर में मौजूद जेई और एसडीओ रैंक के अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। पार्षद गिल का आरोप है जब भी वे लोगों की समस्या लेकर आते है, तो अफसर मिलते ही नहीं।
उधर, जोन ए में भाजपा नेता एवं पार्षद पति हरबंस लाल फैंटा ने निगम अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। फैंटा का कहना है उसके क्षेत्र में छह महीनों से स्वच्छ जल की सप्लाई नहीं हो रही। अधिकारियों से शिकायतें कर-कर वे थक गए हैं। अधिकारियों ने उनकी समस्या का समाधान जल्द करवाने का आश्वासन दे धरने खत्म करवाए।
उधर, बिजली-पानी न मिलने के विरोध में ब्लाक-7 यूथ कांग्रेस और राहुल गांधी यूथ फेडरेशन ने चीमा चौक में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व राजकुमार हैपी और शिव यादव कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था 24 घंटे बिजली देने का दावा करने वाली राज्य सरकार 14 घंटे ही बिजली दे पा रही है। बिजली बंद होने पर पानी सप्लाई भी बंद हो जाती है। इस मौके पर गुरदीप सिंह चावला, जगमोहन जग्गा, नरेंद्र कुमार, धनी राम, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
भास्कर न्यूज Tuesday, July 07, 2009 04:31 [IST]

ज्यादा खर्च के बाद भी 100 गांवों को पानी का इंतजार

पटियाला. बीते वर्ष पास हुए बजट में से पटियाला के वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन के हिस्से में 6 करोड़ 17 लाख रुपए आए थे। वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग के मिले उक्त पैसे से ग्रामीण इलाकों में वाटर सप्लाई को दुरस्त करवाना था।
21 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि लगाकर विभाग ने पुरजोर कोशिश की व 6 करोड़ 48 लाख रुपए ग्रामीण वाटर प्रोजेक्ट पर खर्च कर डाले। अतिरिक्त खर्च की गई 21 लाख रुपए की रकम स्टोर माल की कीमत है, जिसे विभाग ने स्टोर से निकाल कर गांवों में इस्तेमाल किया था।
कहां खर्चा गया पैसा: वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग ने सरकार द्वारा जारी फंड को आरडब्लयूएसपी, स्लिपबैक, हैंड पंप, अस्सिटेंट सैंट्रल स्कीम, प्राइम मिनिस्टर ग्रामीण जल विकास योजना सहित अन्य प्रोजेक्ट पर 6 करोड़ 48 लाख रुपए की रकम खर्च की। इसके लिए फंड का कुछ हिस्सा स्माल बोर सीवरेज स्कीम पर खर्च किया गया। उक्त प्रोजेक्ट के अधीन आते करीब 400 गांव विभाग द्वारा कवर किए गए।
बाकी बचे 100 गांवों में जल पहुँचाने की आस: वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग के प्रयासों के बल पर 400 के करीब गांव में वाटर सप्लाई का चालू करवाया। गौर हो कि पटियाला डिविजन अंतगर्त 500 से भी अधिक गांव आते हैं, जिनमें समाना, पातड़ां भी शामिल है। उक्त 500 गांवों में से १क्क् गांव में अभी भी पानी की सप्लाई को लेकर परेशानी है।
ऐसा नहीं है कि उक्त गांवों में प्रोजेक्ट नहीं चल रहा है, लेकिन बजट की सीमित रुप रेखा होने के कारण विभाग पिछड़ गया। वहीं दूसरी ओर १क् ऐसे गांव भी है, जहां विभाग ने अभी प्रोजेक्ट को लेकर कदम तक नहीं रखा है।
गर्वमेंट फंड के करोडो़ रुपए की मदद से विभाग ने जहां पटियाला डिविजन के अधिकतर गांवों में जल पहुँचाने की भूमिका निभाई, वहीं अब विभाग की नजरें नए बजट पर है। वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग अब नए बजट के साथ बाकी बचे गांवों में पानी पहुँचाने की आस लगाकार बैठा है।
प्रेम वर्मा Tuesday, July 07, 2009 04:58 [IST] (Bhaskar.com)

मुंबई से लेकर धर्मशाला तक त्राहि-त्राहि

मुंबई. महाराष्ट्र से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल से गुजरात तक पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। मुंबई में जल संकट के चलते मंगलवार से पानी की सप्लाई में 30 फीसदी कटौती कर दी गई है, वहीं पुणो का मुख्य जलस्त्रोत खड़कवासला बांध में केवल 2.23 फीसदी पानी बचा है। यहां भी प्रशासन सप्लाई में 30 फीसदी की कटौती कर रहा है।
हिमाचल के धर्मशाला में जल आपूर्ति में 20-25 फीसदी की कटौती हुई है। झीलों के सूखने के कारण यहां लोग पहाड़ी झरनों का सहारा ले रहे हैं। गुजरात में कच्छ के रन में तो लगभग 35 गावों में पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। उत्तराखंड के लगभग 118 वार्ड और 235 गांव भीषण जलसंकट का सामना कर रहे हैं।
हरियाणा में पानी 80 सेंटीमीटर नीचे चला गया है। राजस्थान के कई गांवों में पीने के पानी का संकट गहराया हुआ है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की कुल जनसंख्या के लिए रोज 39,730 लाख लीटर पानी की जरूरत है लेकिन दिल्ली जल बोर्ड यहां केवल 33, 369 लीटर की सप्लाई ही कर पा रहा है।
Bhaskar Correspondent Wednesday, July 08, 2009 03:34 [IST]

पानी के लिए लाठी-भाटा जंग


बालोतरा। पेयजल समस्या को लेकर जसोल में मंगलवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच लाठी-भाटा जंग हो गई। प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया तो जवाब में पुलिस ने भी लाठियां भांजी। इस झड़प में एक उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए तथा तीन महिलाओं को चोटें आई है। तीन घंटे तक जसोल नाकोड़ा मार्ग पर जाम लगा रहा।
पेयजल समस्या तथा एक जलदाय कर्मचारी की लापरवाही को लेकर सुबह करीब 11 बजे उप तहसील के आगे बड़ी संख्या में खाली मटके लिये प्रदर्शनकारियों ने रास्ते को जाम कर दिया। यहां पहुंचे अघिकारियों ने समझाइश की, इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अघिकारियों की तरफ खाली मटकियां फेंकनी शुरू कर दी। एक मटकी कांस्टेबल के सिर पर लगी जबकि दूसरी मटकी भीड़ मे ही शामिल महिला के सिर में जा लगी।
इससे माहौल बिगड़ गया। हाथ में डंडे लिए दो महिलाओं की कांस्टेबलों के साथ झड़प ने हालात तनावपूर्ण बना दिए। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ हाथापाई करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात तनावपूर्ण होने की जानकारी मिलने पर बालोतरा थानाघिकारी भंवरलाल देवासी भी मय जाप्ता पहुंच गए। उन्होंने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया।
पुलिस ने जब लाठियां बरसानी शुरू की तो जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। थानाघिकारी सहित पुलिसकर्मियों ने भाग कर नजदीक ही स्थित पुलिस चौकी में शरण ली जबकि तहसीलदार सहित अन्य अघिकारियों को उप तहसील में शरण लेनी पड़ी।
यह हुए घायल-पथराव से पुलिस उप निरीक्षक मनोज कुमार मूंढ़, चेतक 2 गश्ती वाहन के प्रभारी मोहनसिंह, कांस्टेबल चंपालाल घायल हो गए। लाठीचार्ज से तीन महिलाएं श्रीमती अणचीदेवी, श्रीमती अमिया, श्रीमती गीता घायल हो गई।
Wednesday, July 08, 2009 (Rajasthan Patrika)
http://www.patrika.com/news.aspx?id=200631

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