मुंबई. महाराष्ट्र से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल से गुजरात तक पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। मुंबई में जल संकट के चलते मंगलवार से पानी की सप्लाई में 30 फीसदी कटौती कर दी गई है, वहीं पुणो का मुख्य जलस्त्रोत खड़कवासला बांध में केवल 2.23 फीसदी पानी बचा है। यहां भी प्रशासन सप्लाई में 30 फीसदी की कटौती कर रहा है।
हिमाचल के धर्मशाला में जल आपूर्ति में 20-25 फीसदी की कटौती हुई है। झीलों के सूखने के कारण यहां लोग पहाड़ी झरनों का सहारा ले रहे हैं। गुजरात में कच्छ के रन में तो लगभग 35 गावों में पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। उत्तराखंड के लगभग 118 वार्ड और 235 गांव भीषण जलसंकट का सामना कर रहे हैं।
हरियाणा में पानी 80 सेंटीमीटर नीचे चला गया है। राजस्थान के कई गांवों में पीने के पानी का संकट गहराया हुआ है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की कुल जनसंख्या के लिए रोज 39,730 लाख लीटर पानी की जरूरत है लेकिन दिल्ली जल बोर्ड यहां केवल 33, 369 लीटर की सप्लाई ही कर पा रहा है।
Bhaskar Correspondent Wednesday, July 08, 2009 03:34 [IST]
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