पटियाला. बीते वर्ष पास हुए बजट में से पटियाला के वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन के हिस्से में 6 करोड़ 17 लाख रुपए आए थे। वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग के मिले उक्त पैसे से ग्रामीण इलाकों में वाटर सप्लाई को दुरस्त करवाना था।
21 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि लगाकर विभाग ने पुरजोर कोशिश की व 6 करोड़ 48 लाख रुपए ग्रामीण वाटर प्रोजेक्ट पर खर्च कर डाले। अतिरिक्त खर्च की गई 21 लाख रुपए की रकम स्टोर माल की कीमत है, जिसे विभाग ने स्टोर से निकाल कर गांवों में इस्तेमाल किया था।
कहां खर्चा गया पैसा: वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग ने सरकार द्वारा जारी फंड को आरडब्लयूएसपी, स्लिपबैक, हैंड पंप, अस्सिटेंट सैंट्रल स्कीम, प्राइम मिनिस्टर ग्रामीण जल विकास योजना सहित अन्य प्रोजेक्ट पर 6 करोड़ 48 लाख रुपए की रकम खर्च की। इसके लिए फंड का कुछ हिस्सा स्माल बोर सीवरेज स्कीम पर खर्च किया गया। उक्त प्रोजेक्ट के अधीन आते करीब 400 गांव विभाग द्वारा कवर किए गए।
बाकी बचे 100 गांवों में जल पहुँचाने की आस: वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग के प्रयासों के बल पर 400 के करीब गांव में वाटर सप्लाई का चालू करवाया। गौर हो कि पटियाला डिविजन अंतगर्त 500 से भी अधिक गांव आते हैं, जिनमें समाना, पातड़ां भी शामिल है। उक्त 500 गांवों में से १क्क् गांव में अभी भी पानी की सप्लाई को लेकर परेशानी है।
ऐसा नहीं है कि उक्त गांवों में प्रोजेक्ट नहीं चल रहा है, लेकिन बजट की सीमित रुप रेखा होने के कारण विभाग पिछड़ गया। वहीं दूसरी ओर १क् ऐसे गांव भी है, जहां विभाग ने अभी प्रोजेक्ट को लेकर कदम तक नहीं रखा है।
गर्वमेंट फंड के करोडो़ रुपए की मदद से विभाग ने जहां पटियाला डिविजन के अधिकतर गांवों में जल पहुँचाने की भूमिका निभाई, वहीं अब विभाग की नजरें नए बजट पर है। वाटर सप्लाई एंड सैनीटेशन विभाग अब नए बजट के साथ बाकी बचे गांवों में पानी पहुँचाने की आस लगाकार बैठा है।
प्रेम वर्मा Tuesday, July 07, 2009 04:58 [IST] (Bhaskar.com)
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