जोधपुर. तीन दिन पहले शहर में हुई बारिश के कारण आबादी से निकलने वाली नहर से होकर उम्मेदसागर तक पहुंचा गंदा पानी शहर के सेटेलाइट इलाके में आबाद 67 गांवों के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है लेकिन पीएचईडी या नगर निगम को इस तरफ झांकने तक की फुरसत नहीं है। जोधपुर पहुंचने वाले लिफ्ट नहर के पानी में से फिल्टर के बाद तखतसागर से नहर के जरिए उम्मेदसागर में पानी छोड़ा जाता है। यहां से इन गांवों को इसकी आपूर्ति की जाती है।
मसूरिया से उम्मेदसागर तक बनी नहर में पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों का पानी आता है। आबादी क्षेत्र से निकलने के कारण लोगों ने इसमें गंदे पानी की नालियों के साथ ही सीवर की लाइनें भी डाल रखी हैं। अब छिन्न-भिन्न हो चुकी इस नहर को न तो पूरी तरह बंद किया गया है नहीं इसमें आने वाले दूषित पानी की निकासी का दूसरा कोई मार्ग निकाला गया है। ऐसे में बारिश के दौरान इस नहर में पानी ओवर फ्लो होने के बाद उम्मेद सागर तक पहुंच रहा है। वहां स्वच्छ पानी में गंदा पानी मिलने से आगे वही पानी इन गांवों तक पहुंच रहा है।
उम्मेदसागर के पास कोई फिल्टर प्लांट नहीं है। गत शुक्रवार को ऐसा ही हुआ। दो-तीन घंटे की बारिश के कारण नहर में आया बरसाती पानी गंदगी सहित उम्मेद सागर में पहुंच गया और आगे गांवों तक चला गया। अब भी उम्मेदसागर में गंदगी वाला पानी चल रहा है। पीएचईडी के अधिकारियों को इस बारे में खबर तक नहीं है, गंदगी से अटी नहर की सफाई के लिए तो नगर निगम को कहना तो दूर की बात है।
Bhaskar Correspondent Monday, July 06, 2009 06:19 [IST]
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