
पर्यावरण प्रदूषण के कारण जलवायु में आए अवांछनीय परिवर्तनों के परिणाम आज कई रूपों में हमारे सामने हैं। ग्लोबल वार्मिग जैसी गंभीर समस्या पृथ्वी के असतित्व के लिए सबसे गंभीर संकट है। इसके बाद भी प्रदूषण के कारण जन्मी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। रोज एक नई समस्याएं हमारे सामने आ रही हैं। प्रदूषण अब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहा है। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ केलीफोर्निया में हुए एक अघ्यन में पाया गया है कि प्रदूषण के कारण लोगों में ह्वदय रोगों का खतरा बढ़ गया है।
विश्वविद्यालय के जीनोम बायलॉजी जर्नल की इंटरनेट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वाहनों से निकले घँूए के कारण वातावरण मौजूद कार्बन कणोे के शरीर में पहुँचने से ह्वदय रोगों के साथ रक्त में कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ जाता है। वातावरण में मौजूद ये कार्बन कण कोलेस्ट्राल के साथ मिलकर उन जीनों को सक्रिय कर देते हैं जो रक्तवाहिनियों को तेजी से कड़ा कर देती हैं। इसके अतिरिक्त वाहनों ओर फैक्टि्रयों के कारण फैले इस प्रदूषण के कारण लोगों में लंग कैंसर, हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ गया है।
रिपोर्ट में प्रकाशित विस्तृत कारणों में बताया गया है कि वातावरण में मौजूद जले हुए डीजल के ये कण शरीर में सांस के द्वारा फेंफड़ों में प्रवेश करते हैं। ये कण यहाँ से वसा से क्रिया करके रक्तवाहीनियों पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। फेंफड़ो में इन कणों के पहुँचने से अस्थमा अटैक, लंग कैंसर, के साथ डीएनए डेमेज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।


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