
लंदन । हाल ही में ईस्ट एंजेलिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोघ और बि्रटिश अंटार्कटिक सर्वे में इस बात का खुलासा किया गया है कि अंटार्कटिका महाद्वीप के वातावरण में भारी मात्रा में ऎसे रसायनों मौजूद हैं जो ओजोन परत का हा्रास कर रहे हैं। वातावरण रसायन वैज्ञानिकों ने लगातार 18 महीनों तक इसका अघ्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट पेश की है। मई से लेकर अगस्त के बीच सूर्य के प्रकाश में यह शोघ अंटार्कटिक महाद्वीप में तेजी से पिघलती बर्फ की चट्टानों पर किए गए।
इस शोघ में जो बात सबसे महत्वपूर्ण है वो यह कि अंटार्कटिक क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में आयोडीन आक्साइड मौजूद है जो इससे पहले कभी यहाँ नहीं पाया गया था। इसके अलावा ओजोन परत के क्षरण के लिए जिम्मेदार अन्य हेलोजल रसायन ब्रोमाइड के आक्साइड भी यहाँ पाए गए हैं।
शोघ के अगले चरण में वैज्ञानिक इन रसायनों के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अƒयन कर रहे हैं। शीघ्र ही वैज्ञानिकों का एक दल सेटेलाइट के द्वारा महाद्वीप पर ब्रोमीन आयोडाइड के बिखरे होने की जांच करेगा। इसके साथ ही वातावरण पर पड़ रहे इसके प्रभावों का भी अघ्यन किया जाएगा।
लीड्स यूनिवर्सिटी के पर्यावरण रसायन विषय के प्रोफेसर जॉन लेन के अनुसार इन हेलोजनस के कारण पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और इस घटना का सीघा संबंद्ध मौसम में हो रहे अवांछनीय परिर्वतनों से है। वे शीघ्र ही एक विस्तृत शोघ की रूपरेखा तैयार करने की योजना बना रहे हैं जिसमें इन रसायनों को यहाँ से हटाने का हल निकालने की कोशिश की जाएगी।


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