
स्वीडिश मेट्रोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (एसएमएचआई) के रिसर्चर्स का कहना है कि पिछले दशकों के तुलना में इस बार फरवरी में स्वीडन के पास ओजोन परत बहुत पतली हो गई है। रिसर्चर्स का कहना है कि पिछले एक साल में दूसरी बार ओजोन परत की मोटाई इस तरह घटी है। ओजोन परत की मोटाई को नापने का यह काम स्टॉकहोम के दक्षिण में स्थित नॉरकोयपिंग के एसएमएचआई स्टेशन पर किया गया।
यहां ओजोन परत को मापने का काम 1988 से शुरू किया गया था। पिछले माह फरवरी में इस परत के सबसे पतले रूप में सामने आने की बात पता चली। स्वीडन के विंडेन स्टेशन पर एक मापन प्रक्रिया 1991 में शुरू हुई थी। उस समय यह परत सबसे हाई पोजिशन 437 डॉनसन यूनिट पर रिकॉर्ड की गई थी। एसएमएचआई के एक स्टेटमेंट में यह बात सामने आई है कि 1951 से 1966 के दौरान हुए मापन में ओजोन परत अपने सबसे मोटे स्तर पर थी। जबकि इससे तुलना करें तो अब हालात बदतर हो गए हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक यह बड़े खतरे की घंटी है।


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