Bhaskar नगर संवाददाता Friday, July 10, 2009 04:58 [IST]
श्रीगंगानगर. राज्य सरकार अब बच्चों की रैलियों व नारों के जरिए बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करेगी। सरकार के इन आदेशों को लेकर स्थानीय अधिकारी असमंजस में हैं कि आखिर तपती गर्मी में बच्चों के हाथों में नारे लिखे तख्तियां पकड़ा कर भला जनसंख्या कैसे नियंत्रित की जा सकेगी। अधिकारियों ने ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि क्या जनसंख्या नियंत्रण के सभी आधुनिक उपाय विफल हो गए हैं। और, अगर नहीं तो फिर रैलियों व नारों की जरूरत क्यों पड़ी।
फिर भी, विभाग ने 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिला मुख्यालय से ग्राम स्तर तक रैलियां निकालने तथा बच्चों के बीच निबंध व नारे लेखन प्रतियोगिताएं करवाने संबंधी सरकारी फरमानों को पूरा करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने कहा है कि विश्व जनसंख्या दिवस पर जिलेभर में जनसंख्या पखवाड़ा मनाया जाएगा, जो 11 से 26 जुलाई तक चलेगा।
इस दौरान जिला, उपखंड व ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रैलियां निकाली जाएंगी, जिसमें तख्तियों व बैनर पर जनसंख्या के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। इसी तरह बढ़ती आबादी के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के लिए स्कूली बच्चों में जिला, खंड व ग्राम स्तर पर निबंध व नारा लेखन प्रतियोगिता करवाई जाएगी, साथ ही जिलेभर में विशाल पुरुष नसबंदी शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें कंडोम व जनसंख्या नियंत्रण के अन्य साधन भी वितरित होंगे।
सीएम ने लिखा पत्र
सीएम अशोक गहलोत ने भी हर सांसद, मंत्री, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान व सरपंच को जनसंख्या नियंत्रण के लिए पत्र लिखा है। इन सभी से जनसंख्या नियंत्रित करने में सहयोग मांगा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने भी अपील जारी की है।
श्रीगंगानगर में महिलाएं ही फिक्रमंद
जनसंख्या नियंत्रण में पुरुष भले ही बड़े-बड़े दावे करें लेकिन श्रीगंगानगर में इसके नियंत्रण का दारोमदार महिलाओं ने ही उठा रखा है। तभी तो नसबंदी करवाने में सबसे आगे महिलाएं ही रहती हैं। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस साल विभाग ने 14 हजार 866 नसबंदी का लक्ष्य दिया है, जिनमें अभी तक 3716 नसबंदी हुई हैं। इनमें 371 पुरुष व 3345 महिलाएं शामिल हैं।
बच्चें की आएगी शामत
जनसंख्या दिवस पर शनिवार को एक बार फिर रैली के नाम पर स्कूली बच्चों की ही शामत आएगी। तेज धूप के बीच स्कूली बच्चों को सुखाड़िया सर्किल से हाथों में तख्तियां लिए व नारे लगाते हुए सीएमएचओ कार्यालय तक लाया जाएगा।
रैली प्रस्तावित
जनसंख्या दिवस पर सरकार के निर्देशानुसार रैली निकाली जाएगी। यह रैली सुखाड़िया सर्किल से निकालना प्रस्तावित है। - डा. सरोज गुप्ता, परिवार कल्याण प्रभारी, श्रीगंगानगर
Friday, July 10, 2009
पानी के लिए प्रदर्शन कर जाम लगाया
भास्कर न्यूज Thursday, July 09, 2009 07:27 [IST]
अलवर. धोबीघट्टा क्षेत्र में पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों ने बुधवार को अलवर- बहरोड़ मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के समीप जाम लगाकर प्रदर्शन किया। क्षेत्र के महिला-पुरुष दोपहर १२ बजे पंजाब नेशनल बैंक के पास जमा हो गए। लोगों ने सड़क पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
जाम की सूचना मिलने के बाद शिवाजीपार्क थाना पुलिस व जलदाय विभाग के एईएन जीपी शर्मा, जेईएन कैलाश सैनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद ही यातायात सामान्य हुआ। एईएन शर्मा ने बताया कि घोबीघट्टा क्षेत्र के खराब हैंडपंप को शीघ्र सही कराया जाएगा।
अलवर. धोबीघट्टा क्षेत्र में पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों ने बुधवार को अलवर- बहरोड़ मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के समीप जाम लगाकर प्रदर्शन किया। क्षेत्र के महिला-पुरुष दोपहर १२ बजे पंजाब नेशनल बैंक के पास जमा हो गए। लोगों ने सड़क पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
जाम की सूचना मिलने के बाद शिवाजीपार्क थाना पुलिस व जलदाय विभाग के एईएन जीपी शर्मा, जेईएन कैलाश सैनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद ही यातायात सामान्य हुआ। एईएन शर्मा ने बताया कि घोबीघट्टा क्षेत्र के खराब हैंडपंप को शीघ्र सही कराया जाएगा।
पीने को काला पानी बाहर भी गंदगी
भास्कर न्यूज Sunday, July 05, 2009 06:25 [IST]
भीलवाड़ा. कच्ची बस्तियों से भी खराब हालत में है इन दिनों शहर की हुसैन कॉलोनी। बस्तिवासियों को पांच दिन में एक बार पानी मिल रहा है वो भी नाकाफी। हुसैन कॉलोनी की शेख वाली गली में प्रवेश के साथ ही नाक पर रुमाल लगाना पड़ता है। शनिवार को सफाई व पेयजल व्यवस्था को लेकर क्षेत्र की महिलाएं सड़क पर आ गई।
मौके पर पहुंचे जेईएन समास्या के निदान में असमर्थ दिखे तो सफाईकर्मी नालियां साफ कर कचरा वहीं छोड़ रवाना हो गए। शास्त्रीनगर, हुसैन कॉलोनी में सीसी रोड तो बन गई मगर नालियों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। बार-बार सीसी रोड निर्माण से नालियों की गहराई बढ़ गई। ऐसे में पहले ही सफाई नहीं होने व पानी की निकासी रुक जाने से परेशान क्षेत्रवासियों की समस्या और बढ़ गई।
नगर परिषद वार्ड संख्या 31 के लोगों ने इस संबंध में पूर्व के आयुक्त से भी दो-तीन बार मुलाकात की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसा हाल क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का है। पांच दिन में आने वाले पानी का दबाव भी कम रहता है। गली के अंतिम छोर पर रहने वाले लोग तो छह माह से नल में पानी टपकने का इंतजार कर रहे हैं।
शेख क्लिनिक वाली गली में तीन गलियों के लोगों के लिए एक ही हैंडपंप है। उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है। इसमें कीचड़ युक्त पानी आ रहा है। शिकायत पर हैंडपंप देखने आए पीएचईडी के जेईएन कमल जैन भी कुछ करने में असमर्थ दिखे। क्षेत्रवासी फरीद मोहम्मद छीपा ने बताया कि सफाई के लिए कई बार परिषद प्रशासन को कहा,मगर कर्मचारी औपचारिकता पूरी कर चले जाते है।
रशीद मोहम्मद देशवाली का कहना है कि चुनाव में राजनेता समस्याओं के निदान का आश्वासन देते हैं। इसके बाद गायब हो जाते हैं। नगर विकास न्यास के पूर्व ट्रस्टी इस्लामुद्दीन शेख ने क्षेत्र में विकास कार्य स्वीकृत करवाए। मगर काम दलगत राजनीति में उलझ कर रह गए।
रतन लाल प्रजापत और छोगालाल धोबी ने बताया कि सोमवार तक क्षेत्र की समस्या का निदान नहीं किया गया तो नगर परिषद कार्यालय में क्षेत्रवासियों के साथ प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को महिलाओं के आक्रोश के बाद सफाई तो हुई, मगर सफाईकर्मी गंदगी वहीं छोड़ चले गए।
आज मैं मौके पर जाकर आया हूं। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। नाली कच्ची है इसलिए गंदा पानी आ रहा है। पाइप बदला नहीं जा सकता है। बच्चे हैंडपंप का पानी नहीं पी ले, इसके लिए इसे कल बंद करवा दिया जाएगा। - कमल जैन जेईएन, पीएचईडी
भीलवाड़ा. कच्ची बस्तियों से भी खराब हालत में है इन दिनों शहर की हुसैन कॉलोनी। बस्तिवासियों को पांच दिन में एक बार पानी मिल रहा है वो भी नाकाफी। हुसैन कॉलोनी की शेख वाली गली में प्रवेश के साथ ही नाक पर रुमाल लगाना पड़ता है। शनिवार को सफाई व पेयजल व्यवस्था को लेकर क्षेत्र की महिलाएं सड़क पर आ गई।
मौके पर पहुंचे जेईएन समास्या के निदान में असमर्थ दिखे तो सफाईकर्मी नालियां साफ कर कचरा वहीं छोड़ रवाना हो गए। शास्त्रीनगर, हुसैन कॉलोनी में सीसी रोड तो बन गई मगर नालियों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। बार-बार सीसी रोड निर्माण से नालियों की गहराई बढ़ गई। ऐसे में पहले ही सफाई नहीं होने व पानी की निकासी रुक जाने से परेशान क्षेत्रवासियों की समस्या और बढ़ गई।
नगर परिषद वार्ड संख्या 31 के लोगों ने इस संबंध में पूर्व के आयुक्त से भी दो-तीन बार मुलाकात की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसा हाल क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का है। पांच दिन में आने वाले पानी का दबाव भी कम रहता है। गली के अंतिम छोर पर रहने वाले लोग तो छह माह से नल में पानी टपकने का इंतजार कर रहे हैं।
शेख क्लिनिक वाली गली में तीन गलियों के लोगों के लिए एक ही हैंडपंप है। उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है। इसमें कीचड़ युक्त पानी आ रहा है। शिकायत पर हैंडपंप देखने आए पीएचईडी के जेईएन कमल जैन भी कुछ करने में असमर्थ दिखे। क्षेत्रवासी फरीद मोहम्मद छीपा ने बताया कि सफाई के लिए कई बार परिषद प्रशासन को कहा,मगर कर्मचारी औपचारिकता पूरी कर चले जाते है।
रशीद मोहम्मद देशवाली का कहना है कि चुनाव में राजनेता समस्याओं के निदान का आश्वासन देते हैं। इसके बाद गायब हो जाते हैं। नगर विकास न्यास के पूर्व ट्रस्टी इस्लामुद्दीन शेख ने क्षेत्र में विकास कार्य स्वीकृत करवाए। मगर काम दलगत राजनीति में उलझ कर रह गए।
रतन लाल प्रजापत और छोगालाल धोबी ने बताया कि सोमवार तक क्षेत्र की समस्या का निदान नहीं किया गया तो नगर परिषद कार्यालय में क्षेत्रवासियों के साथ प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को महिलाओं के आक्रोश के बाद सफाई तो हुई, मगर सफाईकर्मी गंदगी वहीं छोड़ चले गए।
आज मैं मौके पर जाकर आया हूं। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। नाली कच्ची है इसलिए गंदा पानी आ रहा है। पाइप बदला नहीं जा सकता है। बच्चे हैंडपंप का पानी नहीं पी ले, इसके लिए इसे कल बंद करवा दिया जाएगा। - कमल जैन जेईएन, पीएचईडी
असेंबली में पहुंचेगा ‘पानी’
Bhaskar News Tuesday, July 07, 2009 06:07 [IST]
सीकर. जिले के सभी विधायकों ने सीकर जिले को फ्लोराइड से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई अम्ब्रेला परियोजना की वित्तीय मंजूरी के लिए आवाज उठाने का आश्वासन दिया है। आबकारी व उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक ने कहा कि इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की वित्तीय मंजूरी के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
माकपा विधायक पेमाराम ने कहा कि अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए वे विधानसभा में सरकार को घेरेंगे। आवश्यक होने पर केंद्र सरकार को भी घेरा जाएगा। इस मामले में वे जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता फ्लोराइड का धीमा जहर पीने को विवश है, वहीं सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है।
‘फ्लोराइड से मुक्ति दिलाओ ’
एमएलए साहब, हमें फ्लोराइड पानी से मुक्ति दिला दीजिए । हमारे दांत भी चले गए। हाथ-पैर काम नहीं कर पा रहे है। हमने तो जैसे-तैसे कर देख लिया, लेकिन हमें अब हमारे बच्चों की चिंता सताने लगी है। ऐसी ही पीड़ा लोगों ने सोमवार को लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा के सामने बयां की। विधायक ने मामला विधानसभा में उठाने का भरोसा जताया।
फ्लोराइड मुक्ति के लिए सौंपा ज्ञापन
लक्ष्मणगढ़ की दिसनाऊ ग्राम पंचायत के रिणु गांव के लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में फ्लोराइड पानी पीने से होने वाली बीमारियों का भी उल्लेख किया गया।
ज्ञापन देने वाले शिष्टमंडल में सरपंच प्रकाश ख्यालिया, तिड़ोकी बड़ी के सरपंच भवानीसिंह, खेड़ी राडान के सरपंच छाजूराम, पंचायत समिति सदस्य जगदीश पिलानियां, सांवरमल, सांवत खां, राधेश्याम शर्मा, जोगेंद्रसिंह, मूलदास स्वामी, पूर्व सरपंच भंवरलाल सोनी, मूलाराम, बनवारी, महेशकुमार,मालू खां, पंच जीवणराम, निसार खां, सांवरमल शर्मा आदि ग्रामीण शामिल थे।
284 गांवों की भलाई की किसी को फिक्र नहीं
कृष्णकुमार शर्मा Monday, July 06, 2009 04:56 [IST]
सीकर. फ्लोराइड की समस्या को मुद्दा बनाकर लोकसभा और विधानसभा पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण क्षेत्र की महत्वाकांक्षी अंब्रेला परियोजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। 284 गांवों के लाखों लोगों को फ्लोराइड से मुक्ति दिलाने के मकसद से बनाई गई यह योजना अब तक जयपुर के जलदाय विभाग के दफ्तर से बाहर नहीं निकली, जबकि इसे दिल्ली में केंद्र सरकार को भेजना था। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार को फंडिंग एजेंसी नहीं मिली है।
इसलिए यह योजना फाइल में अटकी पड़ी है। जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे दो बाद इस प्रोजेक्ट को जयपुर भेज चुके हैं। पहले यह प्रोजेक्ट 332.34 करोड़ का बनाया था। समय पर मूर्त रूप नहीं मिलने के कारणइसे फिर से भेजा गया है, जिसमें 564 करोड़ रुपए खर्च का प्रस्ताव दिया गया। वर्ल्ड बैंक सरीखी एजेंसी के इंतजार में मामला ज्यों का त्यों अटका हुआ है।
राज्य सरकार ने जर्मन सरकार से सहायता से चूरू व हनुमानगढ़ जिलों के गांवों में मीठा पानी मुहैया कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया, लेकिन इस पर किसी ओर से पहल नहीं हो रही। वर्ष 2006 में ही इस मुद्दे पर विधानसभा में भी चर्चा हुई। तब इसे अगले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन नई सरकार आने तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला ने भी भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार प्रपोजल भेजती है तो वे केंद्र सरकार से स्वीकृति दिला देंगे।
सीकर. जिले के सभी विधायकों ने सीकर जिले को फ्लोराइड से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई अम्ब्रेला परियोजना की वित्तीय मंजूरी के लिए आवाज उठाने का आश्वासन दिया है। आबकारी व उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक ने कहा कि इसके लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की वित्तीय मंजूरी के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
माकपा विधायक पेमाराम ने कहा कि अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए वे विधानसभा में सरकार को घेरेंगे। आवश्यक होने पर केंद्र सरकार को भी घेरा जाएगा। इस मामले में वे जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता फ्लोराइड का धीमा जहर पीने को विवश है, वहीं सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है।
‘फ्लोराइड से मुक्ति दिलाओ ’
एमएलए साहब, हमें फ्लोराइड पानी से मुक्ति दिला दीजिए । हमारे दांत भी चले गए। हाथ-पैर काम नहीं कर पा रहे है। हमने तो जैसे-तैसे कर देख लिया, लेकिन हमें अब हमारे बच्चों की चिंता सताने लगी है। ऐसी ही पीड़ा लोगों ने सोमवार को लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा के सामने बयां की। विधायक ने मामला विधानसभा में उठाने का भरोसा जताया।
फ्लोराइड मुक्ति के लिए सौंपा ज्ञापन
लक्ष्मणगढ़ की दिसनाऊ ग्राम पंचायत के रिणु गांव के लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए अम्ब्रेला प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में फ्लोराइड पानी पीने से होने वाली बीमारियों का भी उल्लेख किया गया।
ज्ञापन देने वाले शिष्टमंडल में सरपंच प्रकाश ख्यालिया, तिड़ोकी बड़ी के सरपंच भवानीसिंह, खेड़ी राडान के सरपंच छाजूराम, पंचायत समिति सदस्य जगदीश पिलानियां, सांवरमल, सांवत खां, राधेश्याम शर्मा, जोगेंद्रसिंह, मूलदास स्वामी, पूर्व सरपंच भंवरलाल सोनी, मूलाराम, बनवारी, महेशकुमार,मालू खां, पंच जीवणराम, निसार खां, सांवरमल शर्मा आदि ग्रामीण शामिल थे।
284 गांवों की भलाई की किसी को फिक्र नहीं
कृष्णकुमार शर्मा Monday, July 06, 2009 04:56 [IST]
सीकर. फ्लोराइड की समस्या को मुद्दा बनाकर लोकसभा और विधानसभा पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण क्षेत्र की महत्वाकांक्षी अंब्रेला परियोजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। 284 गांवों के लाखों लोगों को फ्लोराइड से मुक्ति दिलाने के मकसद से बनाई गई यह योजना अब तक जयपुर के जलदाय विभाग के दफ्तर से बाहर नहीं निकली, जबकि इसे दिल्ली में केंद्र सरकार को भेजना था। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार को फंडिंग एजेंसी नहीं मिली है।
इसलिए यह योजना फाइल में अटकी पड़ी है। जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे दो बाद इस प्रोजेक्ट को जयपुर भेज चुके हैं। पहले यह प्रोजेक्ट 332.34 करोड़ का बनाया था। समय पर मूर्त रूप नहीं मिलने के कारणइसे फिर से भेजा गया है, जिसमें 564 करोड़ रुपए खर्च का प्रस्ताव दिया गया। वर्ल्ड बैंक सरीखी एजेंसी के इंतजार में मामला ज्यों का त्यों अटका हुआ है।
राज्य सरकार ने जर्मन सरकार से सहायता से चूरू व हनुमानगढ़ जिलों के गांवों में मीठा पानी मुहैया कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया, लेकिन इस पर किसी ओर से पहल नहीं हो रही। वर्ष 2006 में ही इस मुद्दे पर विधानसभा में भी चर्चा हुई। तब इसे अगले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन नई सरकार आने तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला ने भी भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार प्रपोजल भेजती है तो वे केंद्र सरकार से स्वीकृति दिला देंगे।
जिलेभर में पेयजल के लिए भी मारामारी
Bhaskar News Thursday, July 09, 2009 06:59 [IST]
सीकर. जिलेभर में जारी अघोषित बिजली कटौती के कारण पेयजल समस्या भीषण रूप लेती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में घोषित समय से अधिक कटौती रहने के कारण पानी के लिए लंबी कतारें लगना आम हो गया है। जिले के 196 गांव व ढाणियों में 305 व नीमकाथाना कस्बे में 45 टैंकर सप्लाई हो रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिजली कटौती के कारण सप्लाई देने में समस्या हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले के नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला व दांतारामगढ़ इलाके टै्रंकर चालक पूरी सप्लाई नहीं कर रहे हैं। वहीं जिले के दर्जनों गांवों में समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से पेयजल संकट गहरा रहा है। वहीं जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से समय पर सप्लाई नहीं पहुंचाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा रही है।
सीकर. जिलेभर में जारी अघोषित बिजली कटौती के कारण पेयजल समस्या भीषण रूप लेती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में घोषित समय से अधिक कटौती रहने के कारण पानी के लिए लंबी कतारें लगना आम हो गया है। जिले के 196 गांव व ढाणियों में 305 व नीमकाथाना कस्बे में 45 टैंकर सप्लाई हो रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिजली कटौती के कारण सप्लाई देने में समस्या हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले के नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला व दांतारामगढ़ इलाके टै्रंकर चालक पूरी सप्लाई नहीं कर रहे हैं। वहीं जिले के दर्जनों गांवों में समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से पेयजल संकट गहरा रहा है। वहीं जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से समय पर सप्लाई नहीं पहुंचाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा रही है।
नलों में आया दूषित पानी
भास्कर न्यूज Thursday, July 09, 2009 07:07 [IST]
झुंझुनूं. वार्ड नंबर पांच के घरों में बुधवार को नलों में गंदा पानी आया। इमाम नगर के अब्दुल मजीद अब्बासी ने बताया कि बुधवार को सुबह से ही नलों में पानी के साथ कचरा व मिट्टी आ रही है।
गंदे पानी को देख वार्ड के हासम अली भाटी, गुलाब नबी कुरेशी, बिलाल कुरेशी, हाजी अली मोहम्मद व निजामुद्दीन बगड़िया आदि इकट्ठा हुए और पीएचईडी के अधिकारियों से इसकी शिकायत करने की सोची। जब लोगों ने पता करने की कोशिश की गंदा पानी कहां से आ रहा है।
जब रोड नंबर दो स्थित नालियों से जबरदस्त पानी बहता देखा तो वार्डवासियों ने अनुमान लगाया कि यहां पर लाइन टूटी हुई हो सकती है। सफाई कर्मचारियों ने नाली की सफाई करवाई। वार्डवासियों ने पीएचईडी एक्सईएन भरतलाल मीणा से संपर्क करना चाहा तो वे नहीं मिले। मोहल्लेवासी एक्सईएन के निवास पर जाकर मिले और गंदा पानी आने की शिकायत की।
झुंझुनूं. वार्ड नंबर पांच के घरों में बुधवार को नलों में गंदा पानी आया। इमाम नगर के अब्दुल मजीद अब्बासी ने बताया कि बुधवार को सुबह से ही नलों में पानी के साथ कचरा व मिट्टी आ रही है।
गंदे पानी को देख वार्ड के हासम अली भाटी, गुलाब नबी कुरेशी, बिलाल कुरेशी, हाजी अली मोहम्मद व निजामुद्दीन बगड़िया आदि इकट्ठा हुए और पीएचईडी के अधिकारियों से इसकी शिकायत करने की सोची। जब लोगों ने पता करने की कोशिश की गंदा पानी कहां से आ रहा है।
जब रोड नंबर दो स्थित नालियों से जबरदस्त पानी बहता देखा तो वार्डवासियों ने अनुमान लगाया कि यहां पर लाइन टूटी हुई हो सकती है। सफाई कर्मचारियों ने नाली की सफाई करवाई। वार्डवासियों ने पीएचईडी एक्सईएन भरतलाल मीणा से संपर्क करना चाहा तो वे नहीं मिले। मोहल्लेवासी एक्सईएन के निवास पर जाकर मिले और गंदा पानी आने की शिकायत की।
घटता पानी, बढ़ती चिंता
Bhaskar नगर संवाददाता Monday, July 06, 2009 04:32 [IST]
हनुमानगढ़. पौंग बांध में पानी की आवक घटने के साथ जलस्तर में गिरावट जारी है। दो दिन में बांध का जल स्तर डेढ़ फीट नीचे हो गया। इससे सिंचाई महकमे के अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है कि आखिर खरीफ फसलों की प्यास बुझाने के लिए कहां से पानी लिया जाए। उधर भाखड़ा के अधिकारियों से सजगता दिखाते हुए अपने हिस्से का पूरा पानी ले लिया। इससे इंदिरा गांधी नहर में पानी और घट गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को पौंग बांध का जल स्तर 1275.70 फीट था जो रविवार को घटकर 1274.06 फीट हो गया। पानी की आवक भी घट गई है।
शुक्रवार को बांध में 4987 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी जो रविवार को घटकर 2200 क्यूसेक रह गई। पानी की निकासी पिछले चार दिनों से लगभग सात हजार क्यूसेक हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी की आवक घटने के कारण जलस्तर डाउन आ रहा है। उधर रविवार को इंदिरा गांधी नहर में मात्र पांच क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी हुई। शनिवार को हरिके से इंदिरा गांधी नहर को 3905 क्यूसेक पानी मिल रहा था जो रविवार को बढ़कर 3910 क्यूसेक हो गया।
अधिकारियों के बार-बार आग्रह करने के बाद भी पंजाब द्वारा इंदिरा गांधी नहर में पानी की बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। राज्य सरकार व सिंचाई विभाग के प्रयासों के बावजूद पानी नहीं बढ़ने से क्षेत्र के किसानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। काश्तकारों का कहना है कि सिंचाई पानी के अभाव में नरमा-कपास की फसलों की बढ़वार रुक गई है। सिंचाई के साथ खाद का छिड़काव करने से ही फसलों की बढ़वार शुरू हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व हरिके से इंदिरा गांधी नहर में 400 क्यूसेक पानी बढ़ने से अधिकारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी कि भाखड़ा के अधिकारियों ने उस पर अपना हक जताते हुए भाखड़ा प्रणाली में शेयर के मुताबिक पानी देने की मांग कर दी। शेयर निर्धारित होने के कारण पंजाब से भाखड़ा को पूरा पानी मिलना भी शुरू हो गया। अब इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारी पंजाब के अधिकारियों से पानी और बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रयास जारी
पंजाब के अधिकारियों से संपर्क कर पानी बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - अरुण कुमार सिडाना, एक्सईएन फीडर हनुमानगढ
हनुमानगढ़. पौंग बांध में पानी की आवक घटने के साथ जलस्तर में गिरावट जारी है। दो दिन में बांध का जल स्तर डेढ़ फीट नीचे हो गया। इससे सिंचाई महकमे के अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है कि आखिर खरीफ फसलों की प्यास बुझाने के लिए कहां से पानी लिया जाए। उधर भाखड़ा के अधिकारियों से सजगता दिखाते हुए अपने हिस्से का पूरा पानी ले लिया। इससे इंदिरा गांधी नहर में पानी और घट गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को पौंग बांध का जल स्तर 1275.70 फीट था जो रविवार को घटकर 1274.06 फीट हो गया। पानी की आवक भी घट गई है।
शुक्रवार को बांध में 4987 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी जो रविवार को घटकर 2200 क्यूसेक रह गई। पानी की निकासी पिछले चार दिनों से लगभग सात हजार क्यूसेक हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी की आवक घटने के कारण जलस्तर डाउन आ रहा है। उधर रविवार को इंदिरा गांधी नहर में मात्र पांच क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी हुई। शनिवार को हरिके से इंदिरा गांधी नहर को 3905 क्यूसेक पानी मिल रहा था जो रविवार को बढ़कर 3910 क्यूसेक हो गया।
अधिकारियों के बार-बार आग्रह करने के बाद भी पंजाब द्वारा इंदिरा गांधी नहर में पानी की बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। राज्य सरकार व सिंचाई विभाग के प्रयासों के बावजूद पानी नहीं बढ़ने से क्षेत्र के किसानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। काश्तकारों का कहना है कि सिंचाई पानी के अभाव में नरमा-कपास की फसलों की बढ़वार रुक गई है। सिंचाई के साथ खाद का छिड़काव करने से ही फसलों की बढ़वार शुरू हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व हरिके से इंदिरा गांधी नहर में 400 क्यूसेक पानी बढ़ने से अधिकारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी कि भाखड़ा के अधिकारियों ने उस पर अपना हक जताते हुए भाखड़ा प्रणाली में शेयर के मुताबिक पानी देने की मांग कर दी। शेयर निर्धारित होने के कारण पंजाब से भाखड़ा को पूरा पानी मिलना भी शुरू हो गया। अब इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारी पंजाब के अधिकारियों से पानी और बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रयास जारी
पंजाब के अधिकारियों से संपर्क कर पानी बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - अरुण कुमार सिडाना, एक्सईएन फीडर हनुमानगढ
शुद्ध पेयजल भी मयस्सर नहीं!
Bhaskar नगर संवाददाता Friday, July 10, 2009 05:16 [IST]
हनुमानगढ़. राज्य सरकार एक तरफ जहां खाद्य पदार्थो की शुद्धता परखने के लिए बहुचर्चित ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चला रही है, वहीं हनुमानगढ़ जिले के करीब 89 गांवों के लाखों लोगों को शुद्ध पानी का घूंट तक नसीब नहीं हो रहा है। इन गांवों के वाशिंदों की त्रासदी यह है कि फ्लोराईड मिटीगेशन प्रोग्राम भी राहत दिलाने में नाकाम रहा है। खास बात है कि राज्य सरकार ने उन क्षेत्रों में इस योजना की शुरुआत की थी जहां डेढ़ पीपीएम से अधिक मात्रा में फ्लोराइड की शिकायत थी। इसके तहत जिले के 89 गांवों को शामिल किया गया था।
सेम से राहत, समस्या यथावत
जिले के टिब्बी, हनुमानगढ़ व नोहर तहसील में भी कुछ गांवों में फ्लोराइडयुक्त पानी की शिकायत है लेकिन रावतसर तहसील के सर्वाधिक गांव इसकी चपेट में हैं। जानकारों के मुताबिक सेम प्रभावित होने के कारण क्षेत्र के गांवों में यह समस्या रही लेकिन सेम निवारण में काफी सफलता मिलने के बाद भी शोरायुक्त पानी का संकट बरकरार है।
इन गांवों में गंभीर समस्या
पीएचईडी ने जिले के 89 गांवों में फ्लोराइडयुक्त प्रभावित क्षेत्र में शामिल किया गया है। इनमें रावतसर क्षेत्र के पांच केकेएम, एक एसपीएम, दस एसपीएम, चार केकेएसएम, तीन केकेएम, दो केकेएसएम-ए, एक केबीएम, 19 आरडब्ल्यूडी, दो एसपीएम ए, दो केकेएम, पांच केकेएसएम, नौ केएम, दो एसपीडी, दो केडब्ल्यूडी, चार बीडब्ल्यूएम, सात एसपीडी, दो बीपीएम, दो एएसएम, 10 बीपीएम, 15 एनडब्ल्यूडी, दो केएचडी, तीन केडीएम, पांच एसपीएम, एक एएसएम, 11 केडब्ल्यूडी, दो आरडब्ल्यूएसएम, छह केडब्ल्यूडी, एक आरडब्ल्यूएसएम, तीन एएम, दो सीवाईएम, छह डीडब्ल्यूडी, सात, आठ व एएम, एक डीडब्ल्यूएम, 75 आरडी, तीन जेडडब्ल्यूएम, चार केकेएम, 122 आरडी, पांच एएम, चार आरपीएम, एकएनजीएम, 13 केडब्ल्यूडी-ए, ए एएम व एक आरपीएम शामिल हैं।
इसी तरह नोहर क्षेत्र के गांव एक व पांच केएम, 18 आरडब्ल्यूडी, टिब्बी क्षेत्र के गांव आठ एफटीपी-बी, 11 एफटीपी, छह केएचआर, 11-12 जीजीआर, एक बीआरडब्ल्यू, दो केएचआर, 18 एनजीसी, पांच आरडब्ल्यूडी, 10, 19, 21-22-27-28 एनजीसी, 14 जीजीआर, एक एचएमएच, सात-आठ आरडब्ल्यूडी, 15 जीजीआर, दो एसबीएन, एक एनजीआर, दो जीजीआर, दो आरके, पांच टीएलडब्ल्यू, तीन आरके, एक आरके, पांच आरके, 16 जीजीआर व तीन जीजीआर में फ्लोराइडयुक्त की मात्रा परिमाप से अधिक है। इसी तरह हनुमानगढ़ तहसील के गांव आठ एमडब्ल्यूएस, दो एलके व सात एमडब्ल्यूएम फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र है।
मंत्री को भी थी हकीकत की जानकारी
इलाके में दूषित जलापूर्ति को लेकर जब पिछली सरकार के दौरान विधानसभा में मामला उठाया गया तो तत्कालीन जनस्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया था कि हैंडपंप व डीसीबी से जलापूर्ति वाले 89 गांवों में फ्लोराइड की मात्रा परिमाप से अधिक है। उन्होंने समस्या से शीघ्र निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था लेकिन पांच साल में सरकार ने इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे रखी।
डीफ्लोरीडेशन संयंत्र लगाने पर विचार
राज्य सरकार फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में नहरी पानी उपलब्ध करवाने पर विचार कर रही है। प्रभावित गांवों में हैंडपंपों को डीफ्लोरीडेशन इकाइयों से जोड़ने का भी प्रस्ताव है तथा जलाशयों का निर्माण कर उन पर डीफ्लोरीडेशन संयंत्र लगाने पर मंथन जारी है। चूंकि फ्लोराइड प्रभावित अधिकांश गांवों में हैंडपंप से पेयजल उपलब्ध हो रहा है, ऐसे में भौगोलिक व भूगर्भीय विषमताओं के कारण पेयजल की गुणवत्ता प्रभाविक होना स्वाभाविक है।
हनुमानगढ़. राज्य सरकार एक तरफ जहां खाद्य पदार्थो की शुद्धता परखने के लिए बहुचर्चित ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चला रही है, वहीं हनुमानगढ़ जिले के करीब 89 गांवों के लाखों लोगों को शुद्ध पानी का घूंट तक नसीब नहीं हो रहा है। इन गांवों के वाशिंदों की त्रासदी यह है कि फ्लोराईड मिटीगेशन प्रोग्राम भी राहत दिलाने में नाकाम रहा है। खास बात है कि राज्य सरकार ने उन क्षेत्रों में इस योजना की शुरुआत की थी जहां डेढ़ पीपीएम से अधिक मात्रा में फ्लोराइड की शिकायत थी। इसके तहत जिले के 89 गांवों को शामिल किया गया था।
सेम से राहत, समस्या यथावत
जिले के टिब्बी, हनुमानगढ़ व नोहर तहसील में भी कुछ गांवों में फ्लोराइडयुक्त पानी की शिकायत है लेकिन रावतसर तहसील के सर्वाधिक गांव इसकी चपेट में हैं। जानकारों के मुताबिक सेम प्रभावित होने के कारण क्षेत्र के गांवों में यह समस्या रही लेकिन सेम निवारण में काफी सफलता मिलने के बाद भी शोरायुक्त पानी का संकट बरकरार है।
इन गांवों में गंभीर समस्या
पीएचईडी ने जिले के 89 गांवों में फ्लोराइडयुक्त प्रभावित क्षेत्र में शामिल किया गया है। इनमें रावतसर क्षेत्र के पांच केकेएम, एक एसपीएम, दस एसपीएम, चार केकेएसएम, तीन केकेएम, दो केकेएसएम-ए, एक केबीएम, 19 आरडब्ल्यूडी, दो एसपीएम ए, दो केकेएम, पांच केकेएसएम, नौ केएम, दो एसपीडी, दो केडब्ल्यूडी, चार बीडब्ल्यूएम, सात एसपीडी, दो बीपीएम, दो एएसएम, 10 बीपीएम, 15 एनडब्ल्यूडी, दो केएचडी, तीन केडीएम, पांच एसपीएम, एक एएसएम, 11 केडब्ल्यूडी, दो आरडब्ल्यूएसएम, छह केडब्ल्यूडी, एक आरडब्ल्यूएसएम, तीन एएम, दो सीवाईएम, छह डीडब्ल्यूडी, सात, आठ व एएम, एक डीडब्ल्यूएम, 75 आरडी, तीन जेडडब्ल्यूएम, चार केकेएम, 122 आरडी, पांच एएम, चार आरपीएम, एकएनजीएम, 13 केडब्ल्यूडी-ए, ए एएम व एक आरपीएम शामिल हैं।
इसी तरह नोहर क्षेत्र के गांव एक व पांच केएम, 18 आरडब्ल्यूडी, टिब्बी क्षेत्र के गांव आठ एफटीपी-बी, 11 एफटीपी, छह केएचआर, 11-12 जीजीआर, एक बीआरडब्ल्यू, दो केएचआर, 18 एनजीसी, पांच आरडब्ल्यूडी, 10, 19, 21-22-27-28 एनजीसी, 14 जीजीआर, एक एचएमएच, सात-आठ आरडब्ल्यूडी, 15 जीजीआर, दो एसबीएन, एक एनजीआर, दो जीजीआर, दो आरके, पांच टीएलडब्ल्यू, तीन आरके, एक आरके, पांच आरके, 16 जीजीआर व तीन जीजीआर में फ्लोराइडयुक्त की मात्रा परिमाप से अधिक है। इसी तरह हनुमानगढ़ तहसील के गांव आठ एमडब्ल्यूएस, दो एलके व सात एमडब्ल्यूएम फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र है।
मंत्री को भी थी हकीकत की जानकारी
इलाके में दूषित जलापूर्ति को लेकर जब पिछली सरकार के दौरान विधानसभा में मामला उठाया गया तो तत्कालीन जनस्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया था कि हैंडपंप व डीसीबी से जलापूर्ति वाले 89 गांवों में फ्लोराइड की मात्रा परिमाप से अधिक है। उन्होंने समस्या से शीघ्र निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था लेकिन पांच साल में सरकार ने इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे रखी।
डीफ्लोरीडेशन संयंत्र लगाने पर विचार
राज्य सरकार फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में नहरी पानी उपलब्ध करवाने पर विचार कर रही है। प्रभावित गांवों में हैंडपंपों को डीफ्लोरीडेशन इकाइयों से जोड़ने का भी प्रस्ताव है तथा जलाशयों का निर्माण कर उन पर डीफ्लोरीडेशन संयंत्र लगाने पर मंथन जारी है। चूंकि फ्लोराइड प्रभावित अधिकांश गांवों में हैंडपंप से पेयजल उपलब्ध हो रहा है, ऐसे में भौगोलिक व भूगर्भीय विषमताओं के कारण पेयजल की गुणवत्ता प्रभाविक होना स्वाभाविक है।
बिजली समस्या को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी
Bhaskar News Tuesday, July 07, 2009 06:35 [IST]
अलवर. समाजसेवी नवयुवक मंडल ने वार्ड 16 में बिजली के तारों एवं बिजली कटौती की समस्या हल नहीं करने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। मंडल के अध्यक्ष फकरुद्दीन ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के तार ढीले हैं, जो घर की छतों पर लटकते रहते हैं।
इसके अलावा क्षेत्र में बिजली निगम की ओर से मनमाने तरीके से बिजली कटौती की जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है। समस्या का समाधान नहीं होने पर बिजली निगम के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
अलवर. समाजसेवी नवयुवक मंडल ने वार्ड 16 में बिजली के तारों एवं बिजली कटौती की समस्या हल नहीं करने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। मंडल के अध्यक्ष फकरुद्दीन ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के तार ढीले हैं, जो घर की छतों पर लटकते रहते हैं।
इसके अलावा क्षेत्र में बिजली निगम की ओर से मनमाने तरीके से बिजली कटौती की जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है। समस्या का समाधान नहीं होने पर बिजली निगम के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
बिजली ने किया बेहाल
भास्कर न्यूज Thursday, July 09, 2009 07:28 [IST]
अलवर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में बजट भाषण के दौरान जिस समय राज्य में विद्युत सुधार की बात कह रहे थे उसी समय अलवर में अघोषित कटौती से परेशान लोग राज्य सरकार को कोस रहे थे। परेशान लोगों ने जिले में कई जगह प्रदर्शन भी किए। जिले में भीषण गर्मी का दौर जारी है। दोपहर के समय ऊमस व गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल है, ऊपर से विद्युत कटौती ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुभर कर दिया है। दोपहर को जिस समय तापमान चरम पर होता है उसी समय कूलर व पंखों की रफ्तार थम जाती है। बिजली नहीं आने से स्कूलों में बच्चे पसीने से तर हो गए। घर व दफ्तरों में लोग कागज व हाथ के पंखों से गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते रहे।
बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को नीमराणा में जेईएन कार्यालय में तोड़फोड़ की गई वहीं मांढण में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिजली कटौती ेसे अब शहर के परेशान लोग जीएसएस के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। विद्युत व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो लोग यहां भी प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
आज से और बढ़ेगी परेशानी
विद्युत वितरण निगम ने गुरुवार से जिले में चार से छह घंटे की बिजली कटौती की घोषणा कर लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। उद्योगों में बिजली कटौती से मशीनों का शोर गुल थम जाएगा। जयपुर डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता राजसिंह यादव ने बताया कि शहर में सुबह 7.30 बजे से 9.30 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक चार घंटे की बिजली कटौती होगी।
नगर पालिका क्षेत्रों में 5 घंटे व 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में ६ घंटे की कटौती की जाएगी। इसके अतिरिक्त 3 एमवी उद्योगों में शत प्रतिशत व अन्य सभी औद्योगिक क्षेत्रों में शाम 7 से रात 11 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी।
अलवर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में बजट भाषण के दौरान जिस समय राज्य में विद्युत सुधार की बात कह रहे थे उसी समय अलवर में अघोषित कटौती से परेशान लोग राज्य सरकार को कोस रहे थे। परेशान लोगों ने जिले में कई जगह प्रदर्शन भी किए। जिले में भीषण गर्मी का दौर जारी है। दोपहर के समय ऊमस व गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल है, ऊपर से विद्युत कटौती ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुभर कर दिया है। दोपहर को जिस समय तापमान चरम पर होता है उसी समय कूलर व पंखों की रफ्तार थम जाती है। बिजली नहीं आने से स्कूलों में बच्चे पसीने से तर हो गए। घर व दफ्तरों में लोग कागज व हाथ के पंखों से गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते रहे।
बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को नीमराणा में जेईएन कार्यालय में तोड़फोड़ की गई वहीं मांढण में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिजली कटौती ेसे अब शहर के परेशान लोग जीएसएस के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। विद्युत व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो लोग यहां भी प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
आज से और बढ़ेगी परेशानी
विद्युत वितरण निगम ने गुरुवार से जिले में चार से छह घंटे की बिजली कटौती की घोषणा कर लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। उद्योगों में बिजली कटौती से मशीनों का शोर गुल थम जाएगा। जयपुर डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता राजसिंह यादव ने बताया कि शहर में सुबह 7.30 बजे से 9.30 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक चार घंटे की बिजली कटौती होगी।
नगर पालिका क्षेत्रों में 5 घंटे व 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में ६ घंटे की कटौती की जाएगी। इसके अतिरिक्त 3 एमवी उद्योगों में शत प्रतिशत व अन्य सभी औद्योगिक क्षेत्रों में शाम 7 से रात 11 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी।
46 डिग्री पारे में 22 घंटे बिना बिजली
भास्कर न्यूज Thursday, July 09, 2009 07:09 [IST]
झुंझुनूं. बिजली मंत्री के जिले में बिजली कटौती को लेकर बवंडर आ सकता है। कटौती कुछ और दिन ऐसे ही चली या बारिश नहीं हुई तो लोगों में करंट दौड़ सकता है। वे सड़कों पर उतर आएं और बिजली अधिकारियों को घेरना शुरू कर दें तो बड़ी बात नहीं। गांवों में नाराज लोग बिजली बिल जमा नहीं कराने की बात करने लगे हैं।
सावन के महिने में भी झुंझुनूं 46 डिग्री तापमान में सुलग रहा है। पिछले चार-पांच रोज से गांवों में बमुश्किल दो-तीन घंटे बिजली आ रही है, इतनी सी देर बिजली में भी बीसीयों बार लपक-झपक(ट्रिपिंग) हो जाती है। बिजली के बिना पीने के लिए पूरा पानी नहीं मिल रहा। लोग टेंकर भी डलवाएं तो कैसे, बिजली बिना वे भी भरे नहीं जा रहे। पशुओं को पानी कहां से पिलाएं। चक्की नहीं चलने से आटा नहीं पिस रहा। दुकान में 10 बजे बाद बैठना मुश्किल हो रहा है। फसल सूखती जा रही है।
आधी रात तक गर्म हवा रहती है। सोने की कोशिश करो भी तो मच्छर सोने नहीं देते। अस्पतालों में मरीज बिजली बिना बेहाल हैं। मेडिकल स्टोर्स पर फ्रिज में रखी जाने वाली दवाएं-वेक्सीन खराब हो रहे हैं। यानि बिजली बिना, जिंदगी मुश्किल ही नहीं बेहद मुश्किल हो गई है, लोगों की बैचेनी दिनों-दिन बढ़ रही है।
झुंझुनूं. बिजली मंत्री के जिले में बिजली कटौती को लेकर बवंडर आ सकता है। कटौती कुछ और दिन ऐसे ही चली या बारिश नहीं हुई तो लोगों में करंट दौड़ सकता है। वे सड़कों पर उतर आएं और बिजली अधिकारियों को घेरना शुरू कर दें तो बड़ी बात नहीं। गांवों में नाराज लोग बिजली बिल जमा नहीं कराने की बात करने लगे हैं।
सावन के महिने में भी झुंझुनूं 46 डिग्री तापमान में सुलग रहा है। पिछले चार-पांच रोज से गांवों में बमुश्किल दो-तीन घंटे बिजली आ रही है, इतनी सी देर बिजली में भी बीसीयों बार लपक-झपक(ट्रिपिंग) हो जाती है। बिजली के बिना पीने के लिए पूरा पानी नहीं मिल रहा। लोग टेंकर भी डलवाएं तो कैसे, बिजली बिना वे भी भरे नहीं जा रहे। पशुओं को पानी कहां से पिलाएं। चक्की नहीं चलने से आटा नहीं पिस रहा। दुकान में 10 बजे बाद बैठना मुश्किल हो रहा है। फसल सूखती जा रही है।
आधी रात तक गर्म हवा रहती है। सोने की कोशिश करो भी तो मच्छर सोने नहीं देते। अस्पतालों में मरीज बिजली बिना बेहाल हैं। मेडिकल स्टोर्स पर फ्रिज में रखी जाने वाली दवाएं-वेक्सीन खराब हो रहे हैं। यानि बिजली बिना, जिंदगी मुश्किल ही नहीं बेहद मुश्किल हो गई है, लोगों की बैचेनी दिनों-दिन बढ़ रही है।
बिजली के लिए बवाल
Bhaskar News Wednesday, July 08, 2009 07:26 [IST]
सीकर. भीषण गर्मी में अंधाधुंध बिजली कटौती से जूझ रहे लोगों का सब्र मंगलवार को टूट गया। महरोली, खाटूश्याम और दिवराला के आक्रोशित लोग बिजली कटौती से आजिज होकर सड़कों पर उतर आए। रींगस अन्तर्गत महरोली गांव के लोगों ने पावर हाउस पहुंचकर बिजली अधिकारियों से मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए।
ग्रामीण सात घंटे तक पावर हाउस का घेराव किए रहे। वहीं, खाटूश्यामजी में बिजली कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। श्रीमाधोपुर के दिवराला गांव के लोगों ने भी बिजली की मांग करते हुए पांच घंटे तक मार्ग जाम रखा।
महरोली. बिजली कटौती से नाराज सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार सुबह करीब नौ बजे पावर हाउस पहुंचे। अघोषित कटौती से आजिज ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीण पावर हाउस के बाहर धरना देकर बैठ गए। आरोप है कि समझाने आए अधिशासी अधिकारी, रींगस बीएम भामू और जेपी जेकवाल के साथ कुछ ग्रामीणों ने अभद्रता और मारपीट शुरू कर दी।
आक्रोशित लोगों ने दोनों अधिकारियों के कपड़े भी फाड़ दिए। सात घंटे तक ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव किए रखा। घटना की सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी और थाना प्रभारी सुरेंद्र शर्मा भी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों व ग्रामीणों में करीब आधे घंटे तक वार्ता चली।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को सुबह व शाम चार-चार घंटे तथा दोपहर को एक बजे से शाम चार बजे तक बिजली सप्लाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण वहां से हटे। उधर, मारपीट के संबंध में अधिशासी अधिकारी बीएम भामू व जेपी जेकवाल ने गांव के भंवर सिंह, गजेंद्र सिंह, भवानी सिंह, गंगासिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट कर कपड़े फाड़ने और राजकार्य में बाधा डालने का मामला थाने में दर्ज कराया है। थानाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं।
सीकर. भीषण गर्मी में अंधाधुंध बिजली कटौती से जूझ रहे लोगों का सब्र मंगलवार को टूट गया। महरोली, खाटूश्याम और दिवराला के आक्रोशित लोग बिजली कटौती से आजिज होकर सड़कों पर उतर आए। रींगस अन्तर्गत महरोली गांव के लोगों ने पावर हाउस पहुंचकर बिजली अधिकारियों से मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए।
ग्रामीण सात घंटे तक पावर हाउस का घेराव किए रहे। वहीं, खाटूश्यामजी में बिजली कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। श्रीमाधोपुर के दिवराला गांव के लोगों ने भी बिजली की मांग करते हुए पांच घंटे तक मार्ग जाम रखा।
महरोली. बिजली कटौती से नाराज सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार सुबह करीब नौ बजे पावर हाउस पहुंचे। अघोषित कटौती से आजिज ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीण पावर हाउस के बाहर धरना देकर बैठ गए। आरोप है कि समझाने आए अधिशासी अधिकारी, रींगस बीएम भामू और जेपी जेकवाल के साथ कुछ ग्रामीणों ने अभद्रता और मारपीट शुरू कर दी।
आक्रोशित लोगों ने दोनों अधिकारियों के कपड़े भी फाड़ दिए। सात घंटे तक ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव किए रखा। घटना की सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी और थाना प्रभारी सुरेंद्र शर्मा भी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों व ग्रामीणों में करीब आधे घंटे तक वार्ता चली।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को सुबह व शाम चार-चार घंटे तथा दोपहर को एक बजे से शाम चार बजे तक बिजली सप्लाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण वहां से हटे। उधर, मारपीट के संबंध में अधिशासी अधिकारी बीएम भामू व जेपी जेकवाल ने गांव के भंवर सिंह, गजेंद्र सिंह, भवानी सिंह, गंगासिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट कर कपड़े फाड़ने और राजकार्य में बाधा डालने का मामला थाने में दर्ज कराया है। थानाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं।
आहत विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश
Bhaskar नगर संवाददाता Friday, July 10, 2009 05:26 [IST]
हनुमानगढ़. भयंकर गर्मी में बिजली कटौती से आहत उपभोक्ताओं में रोष है। ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गुरुवार को जीएसएस का घेराव व प्रदर्शन किया। जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अब समस्या का कोई समाधान संभव नहीं है। थालड़का. गांव में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति करने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने जीएसएस का घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं होने से काफी परेशानी होती है। इसके बाद ग्रामीणों के जेईएन हरीशचंद्र ढालिया की अध्यक्षता में वार्ता हुई। इसमें विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया गया।
वार्ता में रावतसर तहसीलदार रामकिशन, कानूनगो ओम पूनियां, रावतसर थानाधिकारी दिनेश राजौरा, चौकी प्रभारी ओमप्रकाश बिश्नोई, भाजपा नेता कृष्ण फौजी, हरिराम सैनी, सरपंच रामप्रताप गोदारा, राकेश टाक, सुभाष डूडी, शिशपाल मिस्त्री, धर्मपाल डूडी, कालूराम व लालचंद ने भाग लिया। पीलीबंगा. विद्युत कटौती के विरोध में काश्तकारों ने गुरुवार को विद्युत निगम के एईएन कार्यालय का घेराव किया। एईएन हनुमानसिंह के शीघ्र व्यवस्था सुधारने के आश्वासन पर काश्तकार शांत हुए। इसमें अनिल चौधरी, आत्माराम भादू, मदनगोपाल मेहरड़ा, पृथ्वीराज, भागीरथ बेनीवाल, सरपंच हरदयालसिंह चहल, नरेंद्र शेखो, मनीराम मेघवाल व गोपाल बिश्नोई शामिल हुए।
डबलीराठान. ग्रामीणों ने 13 जुलाई तक विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। माकपा के जिला सचिव रामेश्वर वर्मा, पंचायत समिति सदस्य जगजीतसिंह जग्गी, कांग्रेस कमेटी के संगठन सचिव नरेंद्र गिरधर, राजकुमार चिलाना, राजकुमार कड़वा, भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री जगतारसिंह, सरपंच अब्दुलहक राठ, पूर्व उपसरपंच नानकसिंह व दीवानचंद ने प्रशासन से मिलकर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। परलीका. अघोषित विद्युत कटौती को लेकर परलीका क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों ने गुरुवार को डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता नोहर को ज्ञापन दिया।
ग्रामीण रणजीत महिया, कृष्ण सोनी, धर्मपाल मेघवाल, अनलि लाटा आदि ने बताया कि विद्युत कटौती के कारण पेयजल सप्लाई व्यवस्था बाधित हो गई है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। विद्युत कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। इस पर डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह चार बजे से नौ बजे तक तथा शाम को पांच से सात बजे तक विद्युत कट लगेगा। फेफाना. विद्युत कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को 33 केवी विद्युत ग्रिड सब स्टेशन का घेराव किया।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनसे स्थाई शुल्क शहरों के समान वसूल किया जाता है और विद्युत आपूर्ति गांव के हिसाब से दी जाती है। राजेश इंदौरा, संदीप शर्मा, सज्जनकुमार गोदारा, सुरेंद्र खाती, पवन चारण, कृष्ण छींपा व लादूराम ज्याणी ने पर्याप्त विद्युत आपूर्ति करने की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों की जिला परिषद सदस्य अमरसिंह पूनियां के नेतृत्व में निगम के एक्सईएन से वार्ता हुई। इसमें एक्सईएन ने 18 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो पुन: घेराव किया जाएगा।
18 घंटे मिलेगी बिजली
फेफाना में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करवाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - जगदीश प्रसाद, एक्सईएन जोधपुर डिस्कॉम नोहर
हनुमानगढ़. भयंकर गर्मी में बिजली कटौती से आहत उपभोक्ताओं में रोष है। ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गुरुवार को जीएसएस का घेराव व प्रदर्शन किया। जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अब समस्या का कोई समाधान संभव नहीं है। थालड़का. गांव में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति करने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने जीएसएस का घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं होने से काफी परेशानी होती है। इसके बाद ग्रामीणों के जेईएन हरीशचंद्र ढालिया की अध्यक्षता में वार्ता हुई। इसमें विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया गया।
वार्ता में रावतसर तहसीलदार रामकिशन, कानूनगो ओम पूनियां, रावतसर थानाधिकारी दिनेश राजौरा, चौकी प्रभारी ओमप्रकाश बिश्नोई, भाजपा नेता कृष्ण फौजी, हरिराम सैनी, सरपंच रामप्रताप गोदारा, राकेश टाक, सुभाष डूडी, शिशपाल मिस्त्री, धर्मपाल डूडी, कालूराम व लालचंद ने भाग लिया। पीलीबंगा. विद्युत कटौती के विरोध में काश्तकारों ने गुरुवार को विद्युत निगम के एईएन कार्यालय का घेराव किया। एईएन हनुमानसिंह के शीघ्र व्यवस्था सुधारने के आश्वासन पर काश्तकार शांत हुए। इसमें अनिल चौधरी, आत्माराम भादू, मदनगोपाल मेहरड़ा, पृथ्वीराज, भागीरथ बेनीवाल, सरपंच हरदयालसिंह चहल, नरेंद्र शेखो, मनीराम मेघवाल व गोपाल बिश्नोई शामिल हुए।
डबलीराठान. ग्रामीणों ने 13 जुलाई तक विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। माकपा के जिला सचिव रामेश्वर वर्मा, पंचायत समिति सदस्य जगजीतसिंह जग्गी, कांग्रेस कमेटी के संगठन सचिव नरेंद्र गिरधर, राजकुमार चिलाना, राजकुमार कड़वा, भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री जगतारसिंह, सरपंच अब्दुलहक राठ, पूर्व उपसरपंच नानकसिंह व दीवानचंद ने प्रशासन से मिलकर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। परलीका. अघोषित विद्युत कटौती को लेकर परलीका क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों ने गुरुवार को डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता नोहर को ज्ञापन दिया।
ग्रामीण रणजीत महिया, कृष्ण सोनी, धर्मपाल मेघवाल, अनलि लाटा आदि ने बताया कि विद्युत कटौती के कारण पेयजल सप्लाई व्यवस्था बाधित हो गई है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। विद्युत कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। इस पर डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह चार बजे से नौ बजे तक तथा शाम को पांच से सात बजे तक विद्युत कट लगेगा। फेफाना. विद्युत कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को 33 केवी विद्युत ग्रिड सब स्टेशन का घेराव किया।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनसे स्थाई शुल्क शहरों के समान वसूल किया जाता है और विद्युत आपूर्ति गांव के हिसाब से दी जाती है। राजेश इंदौरा, संदीप शर्मा, सज्जनकुमार गोदारा, सुरेंद्र खाती, पवन चारण, कृष्ण छींपा व लादूराम ज्याणी ने पर्याप्त विद्युत आपूर्ति करने की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों की जिला परिषद सदस्य अमरसिंह पूनियां के नेतृत्व में निगम के एक्सईएन से वार्ता हुई। इसमें एक्सईएन ने 18 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो पुन: घेराव किया जाएगा।
18 घंटे मिलेगी बिजली
फेफाना में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करवाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - जगदीश प्रसाद, एक्सईएन जोधपुर डिस्कॉम नोहर
बिजली दफ्तर पर ताला
Bhaskar Wednesday, July 08, 2009 06:14 [IST]
रूपनगढ़. रूपनगढ़ मार्बल एरिया में विगत काफी दिनों से चल रही विद्युत की अघोषित कटौती से परेशान होकर मंगलवार को रूपनगढ़ मार्बल एसोशिएशन के पदाधिकारियों के साथ मार्बल उद्यमियों ने विद्युत की आपूर्ति सुचारू करने की मांग को लेकर रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय पर स्टॉफ को बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी तथा कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए।
बाद में किशनगढ़ के अधिशासी अभियंता ए के जालौरी ने रूपनगढ़ आकर रूपनगढ़ मार्बल एशोसिएशन के औघोगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने का आश्वासन दिए जाने पर कार्यालय का ताला खोला गया तभी जाकर मार्बल एसोशिएशन ने धरना समाप्त किया। जानकारी अनुसार एक माह से रूपनगढ़ विद्युत वितरण निगम कार्यालय के द्वारा रूपनगढ़ मार्बल एरिया में की जाने वाली कटौती के कारण मार्बल उद्यमियों को मार्बल गैगसा चलाने में परेशानी हो रही थी।
जिसके कारण मंगलवार को रूपनगढ़ मार्बल एसोशियसन के अध्यक्ष बहादुर सिंह राठौड, उपाध्यक्ष इकबाल छीपा, मुकेश मोदानी, महावीर गंगवाल, ब्रजराज सारण, बुन्दु खां मंसूरी, शिवजीराम कुमावत, पूर्व प्रधान कानाराम चौधरी, पं. भवानीशंकर दाधीच सहित करीब 100 से ज्यादा मार्बल उघमियों ने आज रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय पर जाकर नारेबाजी करते हुए विघुत की आपूर्ति को रूपनगढ़ में स्थित दोनों मार्बल एरिया में सुचारू रूप से करने की मांग को लेकर सहायक अभियंता जे आर काला का घेराव कर समस्या समाधान करने की मांग की।
वही इसके बाद रूपनगढ़ मार्बल एसोशिएशन ने रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय से स्टांफ को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया तथा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए तथा किशनगढ़ से एक्सईएन को रूपनगढ़ बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एक्सईएन एके जालौरी ने रूपनगढ़ आकर मार्बल एसोशिएशन के पदाधिकारियों को दोनों मार्बल एरिया में विद्युत की आपूर्ति सुचारू रूप से रखने का आश्वासन दिया इसके बाद कार्यालय का ताला खोला।
रूपनगढ़. रूपनगढ़ मार्बल एरिया में विगत काफी दिनों से चल रही विद्युत की अघोषित कटौती से परेशान होकर मंगलवार को रूपनगढ़ मार्बल एसोशिएशन के पदाधिकारियों के साथ मार्बल उद्यमियों ने विद्युत की आपूर्ति सुचारू करने की मांग को लेकर रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय पर स्टॉफ को बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी तथा कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए।
बाद में किशनगढ़ के अधिशासी अभियंता ए के जालौरी ने रूपनगढ़ आकर रूपनगढ़ मार्बल एशोसिएशन के औघोगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने का आश्वासन दिए जाने पर कार्यालय का ताला खोला गया तभी जाकर मार्बल एसोशिएशन ने धरना समाप्त किया। जानकारी अनुसार एक माह से रूपनगढ़ विद्युत वितरण निगम कार्यालय के द्वारा रूपनगढ़ मार्बल एरिया में की जाने वाली कटौती के कारण मार्बल उद्यमियों को मार्बल गैगसा चलाने में परेशानी हो रही थी।
जिसके कारण मंगलवार को रूपनगढ़ मार्बल एसोशियसन के अध्यक्ष बहादुर सिंह राठौड, उपाध्यक्ष इकबाल छीपा, मुकेश मोदानी, महावीर गंगवाल, ब्रजराज सारण, बुन्दु खां मंसूरी, शिवजीराम कुमावत, पूर्व प्रधान कानाराम चौधरी, पं. भवानीशंकर दाधीच सहित करीब 100 से ज्यादा मार्बल उघमियों ने आज रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय पर जाकर नारेबाजी करते हुए विघुत की आपूर्ति को रूपनगढ़ में स्थित दोनों मार्बल एरिया में सुचारू रूप से करने की मांग को लेकर सहायक अभियंता जे आर काला का घेराव कर समस्या समाधान करने की मांग की।
वही इसके बाद रूपनगढ़ मार्बल एसोशिएशन ने रूपनगढ़ सहायक अभियंता कार्यालय से स्टांफ को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया तथा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए तथा किशनगढ़ से एक्सईएन को रूपनगढ़ बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एक्सईएन एके जालौरी ने रूपनगढ़ आकर मार्बल एसोशिएशन के पदाधिकारियों को दोनों मार्बल एरिया में विद्युत की आपूर्ति सुचारू रूप से रखने का आश्वासन दिया इसके बाद कार्यालय का ताला खोला।
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