भीनमाल- ढाणी से स्कुल दूर होने के कारन यहाँ के कई बच्चे स्कुल नही जा रहे है।
सर्वे में जनता बोली -------------
Sunday, July 19, 2009
शिक्षक नहीं आए लोग गुस्साए
पत्रिका Sunday, July 19, 2009
चितलवाना। क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भादरूणा की ढाणी में पिछले एक साल से कार्यरत अध्यापक की लापरवाही के कारण पढ़ाई बाघित हो रही है। इससे तंग आकर बच्चों और अभिभावकों ने शुक्रवार को विद्यालय के द्वार पर प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अघिकारी के नाम उपखण्ड अघिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय प्रारंभ हुए एक पखवाड़े से अघिक समय बीत जाने के बावजूद यहां कार्यरत अध्यापक मनमर्जी से विद्यालय नहीं आता था। शुक्रवार को अध्यापक के विद्यालय नहीं आने के कारण परिजन गुस्सा हो गए और बच्चों को साथ लेकर विद्यालय के गेट पर पहुंचे और स्कूल के ताला जड़कर बंद कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बीईईओ को देकर कार्रवाई की मांग की।
इसके बाद ग्रामीणों ने
उपखण्ड अघिकारी को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाएं सुधारने की अपील की है।
एक साल से पोषाहार नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक साल से प्राथमिक विद्यालय में पोषाहार नहीं बनाया जा रहा है। इस बारे में अभिभावकों ने कई बार अध्यापक से बात की तो उसका कहना है कि कम बच्चे होने पर अघिक खर्चा आता है इस कारण पोषाहार बंद किया गया है। हालांकि ग्रामीण पूर्व में भी इस मामले की शिकायत ब्लॉक शिक्षा अघिकारी को लिखित में कर चुके हैं, लेकिन बीईईओ ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
चितलवाना। क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भादरूणा की ढाणी में पिछले एक साल से कार्यरत अध्यापक की लापरवाही के कारण पढ़ाई बाघित हो रही है। इससे तंग आकर बच्चों और अभिभावकों ने शुक्रवार को विद्यालय के द्वार पर प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अघिकारी के नाम उपखण्ड अघिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय प्रारंभ हुए एक पखवाड़े से अघिक समय बीत जाने के बावजूद यहां कार्यरत अध्यापक मनमर्जी से विद्यालय नहीं आता था। शुक्रवार को अध्यापक के विद्यालय नहीं आने के कारण परिजन गुस्सा हो गए और बच्चों को साथ लेकर विद्यालय के गेट पर पहुंचे और स्कूल के ताला जड़कर बंद कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बीईईओ को देकर कार्रवाई की मांग की।
इसके बाद ग्रामीणों ने
उपखण्ड अघिकारी को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाएं सुधारने की अपील की है।
एक साल से पोषाहार नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक साल से प्राथमिक विद्यालय में पोषाहार नहीं बनाया जा रहा है। इस बारे में अभिभावकों ने कई बार अध्यापक से बात की तो उसका कहना है कि कम बच्चे होने पर अघिक खर्चा आता है इस कारण पोषाहार बंद किया गया है। हालांकि ग्रामीण पूर्व में भी इस मामले की शिकायत ब्लॉक शिक्षा अघिकारी को लिखित में कर चुके हैं, लेकिन बीईईओ ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
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