
अमरीका के प्रभावशाली सीनेटर जान केरी ने कहा है कि आतंकवाद से जूझ रहे दक्षिण एशिया में लगातार हिमालय के ग्लेशियर पिघल रहे हैं और विश्व समुदाय के नेता इस पर घ्यान नहीं दे रहे हैं। जलवायु परिवर्तन पर दिए अपने भाषण में सीनेट के विदेशी सम्बंध समिति के अघ्यक्ष केरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन से अफगानिस्तान तक के करोड़ों लोगों को पानी देने वाले हिमालय ग्लेशियर 2035 तक विलुप्त हो सकते हैं।
भारत की नदियां न सिर्फ उसके कृषि के लिए उपयुक्त हैं, बल्कि धार्मिक तौर पर भी उनका महत्व है। वहीं पाकिस्तान पूरी तरह से सूखे से बचने के लिए सिंचाई पर निर्भर है। केरी ने दुनियाभर में कुछ जगहों पर हो रहे गम्भीर मौसम परिवर्तन को विश्व के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि दक्षिण एशिया में आतंक और जलवायु परिवर्तन जैसे खतरे का गठजोड़ हो गया है।


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