Bhaskar Correspondent Friday, July 10, 2009 05:05 [IST]
राज्य में वर्षो बाद इतना गर्म सावन
राजस्थान में मानसून आ जाने के बाद भी गंभीर पेयजल संकट के हालात हैं। सावन में वर्षो बाद भीषण गर्मी पड़ रही है। लोग पानी के लिए बेहाल हैं। 78 शहर-कस्बों में दो से चार दिन के अंतराल में सप्लाई हो रही है। पिछले साल प्रदेश के सात जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, जिससे अधिकतर शहर और कस्बों में साल के अधिकांश समय में पानी का संकट रहा है।
बीसलपुर बांध में बचा 4-6 महीने का पानी
मानसून की बेरुखी का सीधा असर बीसलपुर पेयजल योजना पर पड़ रहा है। हालात यही रहे तो शहर के डेढ़ लाख घरों में बीसलपुर के पानी की आपूर्ति बंद हो सकती है। जलदाय विभाग व जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों के अनुसार बीसलपुर बांध में सिर्फ चार से छह माह का पानी बचा है।
शहर में पानी की किल्लत दूर करने के लिए 1100 करोड़ रुपए खर्च कर बीसलपुर पेयजल योजना बनाई गई है, लेकिन मानसून की बेरूखी से बीसलपुर बांध में पानी की स्तर लगातार गिर रहा है। फिलहाल बांध का स्तर 306.6 मीटर है, जिसमें 3500 एमसीएफटी पानी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की बेरुखी कायम रही तो अक्टूबर तक पानी की स्थिति गंभीर हो जाएगी।
जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता सुभाष महर्षि ने बताया-बांध में सिर्फ 6 महीने लायक पानी है। यदि पानी को लंबे समय तक चलाना है, तो आपूर्ति में कटौती करनी होगी। रोजाना बांध की स्थिति की मॉनिटरिंग करवा रहे हैं।
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