Bhaskar Correspondent Saturday, July 11, 2009 04:25 [IST]
जल संकट से लोग परेशान हैं तो विधानसभा भी इस मुद्दे को लेकर रोज गर्मा रही है। शुक्रवार को राज्य में विभिन्न स्थानों पर बादल बरसे, लेकिन सूख रही धरती की प्यास बुझाने में नाकाम रहे। मानसून को आए 10 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक कई इलाके तो पूरी तरह सूखे हैं। दूसरी तरफ पानी के जमीनी स्रोत भी बादलों की नाराजगी की वजह से जवाब देने लगे हैं। इसके चलते धीरे-धीरे संकट गहराता जा रहा है।
विपक्ष का धरना, भाटी करेंगे आमरण अनशन
बिगड़ती पेयजल व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। भाजपा के देवीसिंह भाटी आमरण अनशन पर बैठ गए। बाद में पूरा विपक्ष वैल में आकर उनके समर्थन में बैठ गया। सरकार का वक्तव्य दिलाए जाने की मांग को लेकर विपक्ष ने देर तक नारेबाजी की। पेयजल संकट का यह मुद्दा शुक्रवार को भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। भाजपा विधायक देवीसिंह भाटी ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सदन में यह मुद्दा उठाया।
जल संसाधन मंत्री मदेरणा ने पेयजल समस्या को गंभीर बताते हुए सोमवार को सरकार की ओर से वक्तव्य दिए जाने का आश्वासन दिया। भाटी ने कहा कि राजस्थान के 78 कस्बे और 30 हजार से ज्यादा गांव पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बीकानेर की कोलायत, लूणकरणसर और खाजूवाला आदि तहसीलों में जबर्दस्त पेयजल संकट है। लोगों को काफी दूरी से पानी लाना पड़ रहा है। सीमा पर तैनात बीएसएफ को भी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। प्रदेश में अकाल जैसे हालात हैं, बजट में भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। सदन में भी विधायक जो समस्याएं बता रहे हैं उसमें 80 प्रतिशत प्रस्ताव पेयजल से संबंधित है। भाटी ने पेयजल के मुद्दे पर सरकार से समस्या का हल निकालने की मांग की। उनका तर्क था कि वे वक्तव्य नहीं, सरकार से समस्या का समाधान चाहते हैं।
सरकार की ओर से वक्तव्य संबंधित आश्वासन नहीं मिलने पर भाटी आमरण अनशन की घोषणा करके वैल में आकर बैठ गए। इनके बाद माकपा के पवन दुग्गल, पेमाराम और भाजपा के राधेश्याम गंगानगर सहित पूरा विपक्ष आकर धरने पर बैठ गया। भाजपा के सचेतक राजेंद्र राठौड़ का कहना था कि जब सदन में गंभीर विषयों पर चर्चा होती है तब न तो अधिकारी अपनी दीर्घा में मौजूद रहते हैं और न ही सरकार यहां मौजूद रहती है।
बाद में विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्रसिंह शेखावत ने जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा को वक्तव्य दिए जाने के निर्देश दिए। इस पर जल संसाधन मंत्री मदेरणा ने पेयजल समस्या को गंभीर बताते हुए सोमवार को सरकार की ओर से वक्तव्य दिए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधानसभाध्यक्ष शेखावत और भाजपा विधायक दल के उपनेता घनश्याम तिवाड़ी के आग्रह पर भाटी ने आमरण अनशन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, अगर सोमवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अनशन करेंगे।
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